पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी पर ED ने कसा शिकंजा, दर्ज हुआ आय से अधिक संपत्ति का केस

पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी पर ED ने कसा शिकंजा, दर्ज हुआ आय से अधिक संपत्ति का केस

लखनऊ, 18 फरवरी: पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी, प्रयागराज जिले की प्रतापुर विधानसभा सीट से अपना दल एस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय ने राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। कभी बीएसपी सरकार के कार्यकाल के दौरान मंत्री रहे राकेश धर त्रिपाठी के आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच चल रही थी। इस मामले अब प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से केस दर्ज कराया गया है।

ED registered money laundering case against former minister

पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद ईडी की टीम उनकी संपत्तियों की जानकारी एकत्र करने में जुट गई है। तो वहीं, राकेश धर त्रिपाठी इस समय लोगों के बीच में जाकर प्रचार कर अपने पक्ष में वोट डालने की अपील कर रहे हैं। लेकिन अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज होने के बाद चुनाव पर भी असर पड़ सकता है। पहले से ही विपक्षी मौजूदा भाजपा सरकार को चौतरफा घेरने के चक्कर में रहती है। वहीं बैठे बैठे हैं विपक्ष को मामला दर्ज होने के बाद नया मुद्दा मिल गया है।

क्या है पूरा मामला
राकेश धर त्रिपाठी बसपा सरकार में साल 2007 से 2012 तक उच्च शिक्षा मंत्री रहे थे। 2012 में बीएसपी की गवर्नमेंट हटने के बाद इन पर आय से ज्यादा संपत्ति की जांच चल ही रही थी। साल 2013 में प्रयागराज मुट्ठीगंज थाने में विजिलेंस स्पेक्टर रहे राम सुभग राम ने पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी पर आय से अधिक संपत्ति का केस लिखाया था। 14 मार्च 2016 को इसमें चार्जशीट भी लगा दी गई। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने अब इसी मामले को आधार बनाते हुए उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। विजिलेंस की जांच के दौरान आय से ज्यादा की संपत्ति पाई गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि 2007 से 2011 के दौरान यह सारी संपत्ति इकट्ठा की गई थी।

राकेश धर त्रिपाठी चार बार रह चुके है विधायक
राकेश धर त्रिपाठी मूल रूप से हंडिया के रहने वाले हैं और मौजूदा समय में वह अपना दल (एस) से प्रतापपुर विधानसभा से प्रत्याशी हैं। इसके पहले वह हंडिया विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं। पहली बार वह 1985 में निर्वाचित हुए और इसके आद अगले चुनाव में भी विजयी रहे। 1996 में वह फिर मतदाताओं का भरोसा जीतने में कामयाब रहे और विधायक बने। 2007 में वह बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर न सिर्फ विधायक बल्कि मंत्री भी बने। इससे पहले वह भाजपा में भी रह चुके हैं। सबसे पहले यह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में चुने गए थे।

चुनाव पर पड़ सकता है असर
यूपी के पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर राकेश धर त्रिपाठी भाजपा और अपना दल एस के गठबंधन टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे समय में यह मामला दर्ज हुआ है जब ये हर दिन लोगों के बीच में जाकर प्रचार कर रहे हैं। इसका असर पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के चुनाव पर भी पड़ सकता है।

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