कृषि कानून वापस लेने पर बोलीं प्रियंका गांधी, किसानों को छलावा नहीं, कानूनों का समूल नाश चाहिए
लखनऊ, 21 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तीन कृषि कानून वापस लेने का ऐलान कर दिया हैं। लेकिन कृषि कानूनों को लेकर शुरू हुई राजनीति अभी खत्म नहीं हुई है। कृषि कानून पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और बीजेपी नेता साक्षी महाराज के बयान के बाद अब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा का बयान सामने आया है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि किसानों को चुनावों के समय कानून वापस लेने का छलावा नहीं, एमएसपी व फसल का हक लूटने वाले कानूनों का समूल नाश चाहिए।

कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, 'भाजपा नेताओं के "चुनाव बाद कृषि कानूनों को वापस लाने" वाले बयान किसानों की आशंकाओं को सही ठहराते हैं। भाजपा ने भूमि अधिग्रहण कानून के मामले में भी यही छल किया था। किसानों को चुनावों के समय कानून वापस लेने का छलावा नहीं, एमएसपी व फसल का हक लूटने वाले कानूनों का समूल नाश चाहिए।'
इतना ही नहीं, ट्वीट किए गए वीडियो में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, एक बार आप किसानों से मिलने बॉर्डर पर नहीं गए। किसानों से आपने एक बार बातचीत नहीं की। लखीमपुर खीरी का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि जहां हत्याएं हो रही है वहां भी नहीं गए आप। इतना पास आकर भी नहीं गए आप तो फिर आज अचानक से क्या होगा? प्रियंका गांधी ने कहा कि स्पष्ट है कि चुनाव आ रहा है।
Recommended Video
इससे पहले राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि सरकार ने कृषि कानूनों को किसानों को समझाने का प्रयास किया। कोशिश की सकारात्मक पक्ष किसानों को समझा देंगे, लेकिन किसान आंदोलित थे। अंत में सरकार को यह लगा कि कानून वापस लेकर फिर दोबारा कानून इस संबंध में अगर बनाने की जरूरत पड़े तो किया जाएगा। लेकिन इस वक्त किसान कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं तो वो ले लेना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications