RSS को मात देने के लिए कांग्रेस चली भाजपा की राह पर
लखनऊ। कांग्रेस शुरुआत से ही भारतीय जनता पार्टी की राजनीति पर बड़ा हमला बोलती आई है, लेकिन भाजपा की ही तर्ज पर कांग्रेस भी यूपी चुनाव के लिए यूथ विंग को चुनाव की तैयारी के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।
पीके ने की अहम बैठक
कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस की स्टुडेंट विंग व यूथ विंग के साथ दो अलग-अलग बैठक की और माना जा रहा है अगले महीने से दोनों संगठन अपना अभियान शुरु करेंगे।

तमाम वर्ग पर रहेगी नजर
यूथ विंग प्रदेश के अहम विश्वविद्यालय व कॉलेजों के छात्रों के बीच अपना अभियान शुरु करेंगे। छात्रों के अलावा स्थानीय डॉक्टर, वकील, प्रबुद्ध लोगों के बीच भी जाएंगे और छात्रों के लिए अलग से मैनीफेस्टो भी लाने की तैयारी की जा रही है।

कांग्रेस के आला नेता भी लेंगे हिस्सा
यूपी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर सहित इस अभियान में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित भी इन बैठकों में हिस्सा लेंगे। जिस तरह से भाजपा आरएसएस की विंग का इस्तेमाल करती है ठीक उसी तरह कांग्रेस भी यूपी में अपनी चुनावी रणनीति बना रही है।

विश्वविद्यालयों में होगी चुनावी बहस
कांग्रेस की यूथ विंग एनयूएसआई, व आईवाईसी ना सिर्फ सोशल मीडिया पर पार्टी का प्रचार करेंगी बल्कि विश्वविद्यालयों में बहस और चुनावी डिबेट का आयोजन करवाएगी।

ट्विटर नहीं व्हाट्सएप व फेसबुक होगा अहम हथियार
एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अभिनव तिवारी ने बताया कि यूपी में ट्विटर पर लोग कम सक्रिय हैं लिहाजा हमें व्हाट्सएप व फेसबुक ग्रुप में ध्यान देने को कहा गया है। यह ग्रुप सिर्फ एकतरफा सुझाव के लिए नहीं होगा बल्कि लोगों का सुझाव भी यहां से लिया जाएगा और छात्रों से बात की जाएगी।

वर्कशॉप में गढ़े जाएंगे नेता
पार्टी में यूथ विंग के सक्रिय सदस्य व कार्यकर्ता मौजूदा समय में इस अभियान को चलाने के लिए वर्कशॉप में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन लोगों को आगे विभिन्न टीमों में बांटा जाएगा जोकि विश्वविद्यालय कैंपस में जाएंगे। हर टीम में प्रशांत किशोर की टीम का एक सदस्य होगा जोकि छात्र नेताओं की मदद करेगा।

पीएम मोदी के गढ़ में होगा अहम अभियान
जिन विश्वविद्यालों को चुना गया है उनमें से तीन मुख्य रूप से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से होंगे जिनमें बीएचयू, महात्मा गंधी काशी विद्यापीठ व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय अहम हैं। छात्रों की बैठकें कानपुर, इलाहाबाद, अलीगढ़, नोएडा, जौनपुर, गाजियाबाद के विश्वविद्यालय में होगी।












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