मायावती ने बाढ़ पीड़ितों को लेकर जताई चिंता, सरकार पर कसा तंज, कहा- अधिकांश मदद कागजी
लखनऊ, 13 सितंबर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित हुई लोगों को लेकर चिंता जताई है। साथ ही प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा है। बसपा सु्प्रीमो मायावती ने अधिकांश मदद को कागजी बताने हुए योगी सरकार से मांग की है कि तुंरत उचित कदम उठाए जाएं। मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं को भी प्रदेश के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों की मदद करने का निर्देश दिया है।

'सरकारी मदद ज्यादातर कागजी व हवा-हवाई'
मायावती ने सोमवार को ट्वीट किया, ''यूपी के खासकर पूर्वांचल में बाढ़ के कारण इस वर्ष फिर व्यापक तबाही व बर्बादी से लाखों परिवारों का जीवन अति-बेहाल हो गया है। आपेक्षित सरकारी मदद ज्यादातर कागजी व हवा-हवाई होने से बेघर हुए लोगों का जीवन अति कष्टदायी बना हुआ है, जो बेहद दुःखद। सरकार तुरन्त उचित कदम उठाए।''
मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं से की मदद की अपील
बसपा सुप्रीमो ने अपने अगले ट्वीट में कहा, ''स्पष्टतः उचित सरकारी मदद के अभाव में अति-विपदा में जीवन व्यतीत कर रहे लोगों को अपने सामर्थ्य के हिसाब से मदद करने वाले बीएसपी के लोगों से पुनः अपील है कि वे बाढ़ पीडितों को बेसहारा न छोड़ें तथा उनके प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी का यथासंभव निर्वहन जारी रखें।''
बाढ़ की वजह से जनजीवन बेहाल
बता दें, उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में बाढ़ के पानी की वजह से हजारों परिवार बेखर हो गए। गोरखपुर जिले की दो प्रमुख नदियों राप्ती और गोर्रा का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। हालांकि, रोहिन और घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। वहीं, घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने और राप्ती व गोर्रा का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे की तरफ आने से बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी नहीं निकल पा रहा है, जिससे लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। राप्ती नदी शुक्रवार के इस साल के उच्चतम जलस्तर खतरे के निशान से 2.34 मीटर से 95 सेमी नीचे आ गई। फिर भी वह खतरे के निशान से 1.39 मीटर ऊपर बह रही है।












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