यूपी में बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ आवाज वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के आक्रोशित सदस्यों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। भाजपा नेताओं ने लाठी चार्ज की आलोचना की और इसे अवैध तथा अनुचित ठहराया। पार्टी ने यह भी कहा कि इस घटना में कम से कम 50 से ज्यादा कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि अगले दो सप्ताह तक ऐसे प्रदर्शन जारी रहेंगे। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि हम एक जिम्मेदार राजनीतिक दल हैं और इस नाते जनता की समस्याओं को उठाना हमारा कर्तव्य है। समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार की शह पर इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई से हम डरने वाले नहीं हैं। भाजपा और सपा कार्यकर्ताओंके बीच बीते सप्ताह इसी जगह भिडंत हुई थी, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
इस घटना के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने धरना दिया था, जिसके बाद दो अधिकारियों का स्थानांतरण कर घटना की जांच के आदेश दिए गए थे। भाजपा के अंदरूनी सूत्र कहते हैं कि हाल के लोकसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित भाजपा अखिलेश यादव सरकार के खिलाफ एक सक्रियता बनाए रखना चाहती है।
सूत्रों ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने कानून -व्यवस्था और बिजली संकट जैसे मुद्दों पर अपने सक्रिय रुख को स्वीकृति दे दी है और पार्टी की राज्य इकाई को इस तरह के विरोध प्रदर्शन तेज करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में राज्य की 80 में से 71 सीटों पर जीत दर्ज कराई है। वहीं समाजवादी पार्टी पांच, कांग्रेस दो सीटें मिलीं, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक भी सीट नहीं मिल पाई।












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