SI Prashant Yadav: Akhilesh Yadav ने घटना पर जताया दुख, कहा- UP में पुलिसकर्मियों का न वेतन निश्चित है न जीवन

SI Prashant Yadav: Akhilesh Yadav ने घटना पर जताया दुख, कहा- यूपी में पुलिसकर्मियों का न वेतन निश्चित है न जीवन

लखनऊ। दो भाइयों के बीच विवाद निपटाने गए सब-इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार यादव की बुधवार (24 मार्च) की देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई। सब-इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार यादव की मौत पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दुख जताया। तो वहीं, अखिलेश यादव ने हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद 2017 से पुलिसकर्मियों की हत्याओं का दौर जारी है।

Akhilesh Yadav criticizes Yogi government on Sub Inspector Prashant Yadav incident

यूपी में पुलिसकर्मियों का न वेतन निश्चित है न जीवन: अखिलेश यादव
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गुरुवार (25 मार्च) को आगर में सब-इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार यादव की हत्या के बाद ट्वीट कर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने लिखा, 'भाजपा सरकार आने के बाद 2017 से पुलिसकर्मियों की हत्याओं का दौर जारी है। आज आगरा में एक एसआई प्रशांत यादव की गोली मारकर की गयी हत्या अत्यंत दुःखद है। दुःख के इन पलों में हम परिवार व पुलिस के साथ हैं। उप्र में बेहद दबाव में काम करने वाले पुलिसकर्मियों का न वेतन निश्चित है न जीवन।'

क्‍या है पूरा मामला?
आईजी रेंज आगरा ने बताया कि शिवनाथ और विश्वनाथ दो सगे भाई हैं। शिवनाथ बड़ा है और विश्वनाथ छोटा है। शिवनाथ अपने पिता के हिस्से से निकले आलू को बाजार में बेचने के लिए जा रहा था, जिस पर विश्वनाथ ने मां का भी हिस्सा देने की बात कही। इसके बाद दोनों के बीच व‍िवाद हो गया। विवाद बढ़ता देख बड़े भाई शिवनाथ ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर सब इंस्पेक्टर प्रशांत एक सिपाही के साथ पहुंचे। पुलिस को आता देख छोटा भाई विश्वनाथ वहां से भागने लगा और भागते हुए उसने दो फायर किए। एक गोली सब इंस्पेक्टर की गर्दन में जा लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आरोपी विश्वनाथ फिलहाल फरार है।

आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषि‍त
आरोपी विश्वनाथ पर आईजी ए सतीश गणेश ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। बता दें, पुलिस ने गांव में खेतों की तलाशी ली, रात भर खेतों में कॉबिंग चलती रही, लेकिन आरोपी विश्वनाथ का कहीं कुछ पता नहीं चला। उसका परिवार भी फरार हो गया है। गांव में विश्वनाथ के चाचा का परिवार रहता है। उनका घर विश्वनाथ के घर के पास ही है। वह भी सामने नहीं आए। आगरा के अलावा मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ और फिरोजाबाद में भी पुलिस टीमों को भेजा गया है। पुलिस ने तकरीबन 20 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

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