UP सरकार की अव्यवस्थाओं पर भड़के अखिलेश यादव, कहा- दे देना चाहिए त्यागपत्र
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर अव्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर तंज कसा है। अखिलेश यादव ने कहा कि लॉकडाउन 4.0 में भी लोगों की हालात खराब है। साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए सरकार से पूछा- 'क्या इसी नए रूप रंग की बात हुई थी।'

'दे देना चाहिए त्यागपत्र'
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने श्रमिकों की बदहाली के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए ट्वीट कर इस्तीफा मांगा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'लॉकडाउन 4.0 के इस बद से बदतर हालात में भी प्रदेश सरकार सोच रही है कि ‘सब नियंत्रण में है'। अगर सरकार इसे व्यवस्था कहती है तो फिर उसे त्यागपत्र दे देना चाहिए। कहीं गौशाला तक में लोग रोक के रखे जा रहे हैं, तो कहीं सीमाओं पर बच्चे बिलख रहे हैं। क्या इसी नये रूप-रंग की बात हुई थी।'
VIDEO शेयर कर लिखा, भाजपा देश चलाना कब सीखेगी?
इससे पहले अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर की है। वीडियो शेयर करने के लिए साथ एक सवाल भी पूछा है। उन्होंने लिखा, 'ये है देश का असली ख़ुद-मुख़्तार हुनर, जिसे जोड़-तोड़ कर सरकार बनाना तो नहीं आता... पर अपनी प्रतिभा से किसी तरह इंतज़ाम कर के अपने परिवार की गाड़ी चलाना आता है। भाजपा देश चलाना कब सीखेगी?'
अदूरदर्शी फैसलों के श्रमिकों को जिंदगी नर्क हो गई: अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के अदूरदर्शी फैसलों के चलते गरीब और बेबस श्रमिकों की जिंदगी नर्क हो गई है। सरकार से आग्रह है कि वह संवेदनशील होने का परिचय दे। सरकारी अराजकता ने प्रदेश में हजारों बच्चों का बचपन छीना है और उन्हें भी पलायन की त्रासदी का अंग बना दिया है। सरकार की इससे ज्यादा अक्षमता का प्रमाण क्या मिल सकता है कि समय से निर्णय नहीं कर सकी। लाखों श्रमिक पैदल मारे-मारे पैदल चलने को मजबूर हुए। उनमें से सैकड़ों तो रास्ते में ही मर गये। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लाचार श्रमिकों को अपने ही गृह राज्य में उत्पीड़न और अपमानित होना पड़ रहा है। हमारी मांग है कि श्रमिक कामगार की किसी भी हादसे में मौत पर प्रत्येक के परिजन को दस लाख रुपये आर्थिक मदद तत्काल दें।












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