लखनऊ में डॉक्टरों की हड़ताल ने ले ली 16 की जान
लखनऊ। डॉक्टर यूं तो लोगों का जीवन बचाने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से 16 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। किंग जार्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी में पीजी कोर्स के अंतर्गत दाखिले में बदले गये नियमों के खिलाफ ये डॉक्टर हड़ताल पर हैं।

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से 2000 से अधिक मरीजों को केजीएमयू से दूर होना पड़ा है। यही नहीं बहुत गंभीर मरीज को ही वरिष्ठ डॉक्टर देख रहे हैं जिसके चलते मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं बुधवार को दो दर्जन से अधिक ऑपरेशन होने थे जिन्हें हड़ताल की वजह से टाल दिया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एमडी, एमएस और डिप्लोमा कोर्स में दाखिल हुए छात्रों के दाखिले को रद्द कर दिया है औऱ उन्हें यूपी पोस्टग्रैजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम के जरिए दाखिला लेने का निर्देश जारी किया है। जिसके विरोध में रेजीडेंट डॉक्टर और एमबीबीएस के छात्र केजीएममयू में हड़ताल पर हैं।
जिन छात्रों को अप्रैल माह में दाखिला दिया गया था उन्होंने जूनियर डॉक्टर के तौर पर केजीएमयू में काम करना भी शुरु कर दिया था। ऐसे में सरकार के फैसले के बाद कई छात्र अपनी सीट तक गंवा सकते हैं। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह फैसला दिया है जिसमें कहा गया है कि जिन डॉक्टरों ने ग्रामीण इलाकों में अपनी सेवायें दी हैं उन्हें 30 फीसदी तक वेटेज दिया जाए।
कोर्ट के इस आदेश का असर 300 एमबीबीएस छात्रों पर पड़ेगा जिन्होंने 12 मई को दाखिला लिया है। जिसके बाद सरकार ने पुरानी मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया और नये नियम के अनुसार 27 मई को नयी मेरिट लिस्ट जारी की। छात्रों ने इस नयी मेरिट लिस्ट का विरोध किया है और मांग की है कि सरकार को रिव्यू पेटीशन की सुनवाई का इंतजार करना चाहिए।












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