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Kanwar Yatra: सावन के तीसरे सोमवार को गोला मंदिर में कांवड़ियों की भीड़ के बीच मची भगदड़ जैसी स्थिति

Kanwar Yatra: लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ अधिक होने के चलते रात में भीड़ अनियंत्रित हो गई। बताया जा रहा है कि देर रात तक चले जलाभिषेक के दौरान मंदिर पहुंचने की होड़ ने हालात को बेकाबू कर दिया।

करीब रात एक बजे का वक्त था, जब अशोक चौराहे के पास अचानक अफरा-तफरी मच गई। कांवड़ लेकर आईं महिला श्रद्धालुओं में धक्का-मुक्की होने लगी और कुछ महिलाएं जमीन पर गिर पड़ीं। लोगों में घबराहट फैल गई। इस दौरान कुछ देर के लिए वहां पर माहौल अराजक हो गया।

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हालांकि सुरक्षा में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। गिर चुकी महिलाओं को उठाकर पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। संयोग अच्छा था कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और हालात पर काबू पा लिया गया।

हर साल बढ़ रही भीड़, पर इंतजाम पुराने ही

स्‍थानीय लोगों का कहना है कि गोला गोकर्णनाथ मंदिर को छोटी काशी कहा जाता है और सावन के महीने में इसका विशेष धार्मिक महत्व है। इस बार भी सोमवार के दिन लाखों भक्त दूर-दराज से जल चढ़ाने पहुंचे थे।

हर साल भक्तों की संख्या बढ़ रही है मगर सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम में कोई खास बदलाव नहीं दिखाई देता। स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बल तो तैनात किए लेकिन रात के समय की भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए कोई दिखाई नहीं दे रहा था हालांकि भगदड़ के बाद सुरक्षाकर्मी पहुंच गए।

प्रशासन ने दी सफाई, भगदड़ से इनकार

हालात बिगड़ने के बाद सोशल मीडिया पर 'भगदड़' की खबरें चलने लगीं, मगर प्रशासन ने इससे इनकार किया है। सदर कोतवाल अम्बर ने बताया कि मंदिर जल्दी पहुंचने की कोशिश में श्रद्धालु एक साथ लाइन में आ गए थे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भगदड़ नहीं हुई, बल्कि कुछ महिलाएं आपाधापी में गिर गई थीं जिन्हें पुलिस ने तुरंत सहायता दी। फिर भी सवाल उठता है कि इतनी भीड़ को बिना गाइडलाइन या ट्रैफिक मैनेजमेंट के कैसे नियंत्रित किया गया?

घटना के बाद कई श्रद्धालु प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार कड़ा और असहयोगी था। कई जगहों पर श्रद्धालुओं को रोकने के दौरान उनकी भावनाओं की अनदेखी की गई।

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