बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: 'किसका हाथ है इनके ऊपर', सीबीआई जज के ट्रांसफर नहीं होने पर भड़के हाईकोर्ट के जज
बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई जज के ट्रांसफर नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है। उच्च न्यायालय ने मामले से संबंधित कुछ आदेश पारित करने के लिए सीबीआई जज अर्पण चट्टोपाध्याय की खिंचाई की।
कलकत्ता हाईकोर्ट के जज ने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि स्थानांतरण आदेश को प्रभावी क्यों नहीं किया गया? वर्तमान सीबीआई न्यायाधीश (कार्यवाहक) के सिर पर किसका हाथ है जिसके लिए एक नए समकक्ष का स्थानांतरण नहीं किया गया है? बार और बेंच ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय के हवाले से यह बात कही।

कानून मंत्री पर भी भड़के जज अभिजीत गंगोपाध्याय
अभिजीत गंगोपाध्याय ने पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक को अपने सामने पेश होने के लिए बुलाया ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीबीआई न्यायाधीश का अब तक स्थानांतरण क्यों नहीं किया गया, क्योंकि फाइल उनके विभाग में पड़ी थी। वहीं मलय घटक ने अदालत को बताया कि वह अस्पताल में हैं और आदेश पर अमल करने के लिए छह अक्टूबर तक का समय मांगा।
4 अक्टूबर तक सीबीआई जज के ट्रांसफर करने का आदेश
वहीं हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि 4 अक्टूबर तक सीबीआई जज का ट्रांसफर कर दिया जाए। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को यह भी आदेश दिया कि उसके किसी भी अधिकारी को शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्यों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं करनी चाहिए या उस पर विचार नहीं करना चाहिए।
न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने अपने पत्र में कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन सभी प्राधिकारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे इस अदालत की अनुमति के बिना एसआईटी के प्रमुख या इस अदालत द्वारा गठित एसआईटी के किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई शिकायत न करें या उस पर विचार न करें।












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