UP: एक लाश पर दो परिवारों ने ठोंका दावा, रहस्य सुलझाने में पुलिस ने लगाया कमाल का दिमाग, अंगूठे ने खोला राज
UP Hindi News: उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उसकी लाश को दो परिवार के लोग लेने चले आए। दोनों लोगों द्वारा उसे अपने-अपने घर का बताया गया।
UP Kasganj News: उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कासगंज जिले में सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर उसकी फोटो वायरल की गई।
फोटो वायरल करने के बाद कासगंज के रहने वाले 2 परिवारों द्वारा मृतक को अपने परिवार का बताया गया और उसका अंतिम संस्कार करने के लिए दोनों परिवारों के लोग अपने साथ लाश ले जाने के लिए आमने-सामने आ गए।

दो परिवारों द्वारा मृतक की लाश पर दावा किए जाने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई। दोनों परिवार द्वारा मृतक को खुद के परिवार का सदस्य बताया जाता रहा। ऐसे में पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने के लिए ऐसी तरकीब अपनाई जिसे सुनकर आप भी पुलिस की तारीफ करने लगेंगे।
दरअसल, यह पूरा मामला कासगंज जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र का है। सदर कोतवाली इलाके के बारह पत्थर मैदान के पास शनिवार सुबह में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शव मिले के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दिया।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस मृतक की शिनाख्त करने की कोशिश की लेकिन स्थानीय लोगों से नहीं पहचान पाए। उसके बाद पुलिस ने मृतक की फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए उसकी शिनाख्त करने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर वायरल फोटो देखने के बाद साेरौंजी के फतेहपुर गांव के रहने वाले एक परिवार ने लाश की शिनाख्त अपने परिवार के सदस्य के रूप में की। मृतक की शिनाख्त हो जाने के बाद पुलिस राहत की सांस ली, इसी बीच दूसरा परिवार भी पहुंच गया।
सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के नगला अब्दाल गांव के रहने वाले परिवार द्वारा बताया गया कि मृतक उनके परिवार का सदस्य है और उसकी लाश को भी अपने साथ ले जाना चाहते हैं। एक ही लाश पर दो परिवार के लोगों द्वारा दावा किए जाने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई।
रिपोर्ट की मानें तो दोनों परिवार के लोग फोटो लेकर के पहुंचे थे और दोनों फोटो का मिलान किया गया। मिलान करने के बाद पता चला कि मृतक और दोनों परिवारों द्वारा लाए गए फोटो में काफी समानता है।
हालांकि बाद में पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए बायोमेट्रिक का सहारा लिया। पुलिस द्वारा आधार कार्ड बनाने की बायोमेट्रिक मशीन पर जब मृतक का अंगूठा लगाया गया तो उसकी पहचान फतेहपुर थाना क्षेत्र के सोरोंजी गांव के रहने वाले संजीव पुत्र चंद्रपाल के रूप में हुई।
मृतक की शिनाख्त हो जाने के बाद पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र दुबे द्वारा मीडिया को बताया गया कि एक ही लाश पर दो लोगों द्वारा दावा किया गया था। बायोमेट्रिक रूप से मृतक की पहचान कराई गई उसके बाद पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतक के परिवार को लाश सौंप दी गई।











Click it and Unblock the Notifications