कानपुर की हवा हुई सबसे ज्यादा प्रदूषित, कोहरे की वजह से विजिबिलिटी भी हुई कम
कानपुर। कोविड-19 संक्रमण के खतरे की बीच अब लोगों की सांसों पर स्मॉग का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कोहरे की संभावना जताई है। कानपुर जिले में गुरुवार की सुबह 467 एक्यूआई (एयर क्वॉलिटी इंडेक्स) होने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करने पड़ रहा है। तो वहीं, जिले में घना कोहरा छाया रहा, जिसकी वजह से विजिबिलिटी जीरो तक पहुंच गई। विजिबिलिटी कम होने की वजह से पास की चीजें भी दिखाई नहीं दे रहीं थीं।

कानपुर जिले में गुरूवार (10 दिसंबर) सुबह से कोहरा छाया हुआ है, जिसकी वजह से विजिबिलिटी कम हो गई। विजिबिलिटी कम होने की वजह से पास की चीजें भी दिखाई नहीं दे रहीं थीं। तो वहीं, सुबह की सैर पर निकले एक युवक ने बताया कि पिछले दो दिनों से यहां कोहरा काफी हो रहा है, जिसकी वजह विज़िबिलिटी कम हो गई है। तो वहीं, प्रदूषण की वजह से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बता दें कि कानपुर 4-5 दिन से प्रदूषण के मामले में पहले नंबर पहुंच गया है।
आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर व पर्यावरणविद् प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने बताया कि नमी के साथ पारा गिरने से हल्का कोहरा छाने लगा है। कोहरा गहराने के साथ यह धुएं के साथ मिलकर स्मॉग बनाएगा। पीएम-2.5 व पीएम-10 की बढऩे से आने पर्टिकुलेट मैटर धुएं में फंसकर 'स्मॉग' का दुष्चक्र बनाते हैं। धातु के बारीक कण इसके साथ मिलकर इसे इतना हानिकारक बना देते हैं कि शरीर में पहुंचकर यह आंतरिक अंगों को प्रभावित करने लगाता है। यह मनुष्य के साथ दृश्यता के लिए भी बहुत घातक होता है।












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