कानपुर एनकाउंटर: शहीद CO देवेंद्र मिश्रा का लेटर वायरल, 3 महीने पहले ही SSP को लिखी थी ये चिट्ठी
कानपुर। कानपुर में हुए एनकाउंटर मामले में शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र का एक पत्र सामने आया है। इस पत्र में सीओ देवेंद्र मिश्रा ने एसएसपी से विनय तिवारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की है। चिठ्ठी में सीओ देवेंद्र मिश्रा ने कहा है कि विनय तिवारी का गैंगस्टर विकास दुबे के पास आना-जाना है और उनकी सत्यनिष्ठा संदिग्ध है। उधर, आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कानपुर में सीओ के परिवार से मुलाकात की और मामले में सीबीआई जांच की मांग की। संजय सिंह ने भी सीओ का लेटर ट्वीट किया।

सीओ ने मार्च में लिखी थी एसएसपी को चिट्ठी
सीओ देवेंद्र मिश्रा ने 14 मार्च 2020 को कानपुर एसएसपी को चिट्ठी लिखकर विकास दुबे का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया था। इस चिट्ठी में देवेंद्र मिश्र ने थाना चौबेपुर के सस्पेंड एसओ विनय तिवारी का भी जिक्र किया है। कानपुर एसएसपी को भेजी गई चिट्ठी में सीओ ने लिखा था कि विकास दुबे के खिलाफ 150 मुकदमे हैं। दरअसल, सीओ ने चौबेपुर एसएचओ को विकास दुबे पर कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन विनय तिवारी एक्शन के बजाए विकास दुबे से सहानुभूति दिखा रहे थे। लेटर में सीओ ने इस बात का भी जिक्र किया है।
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चौबेपुर एसओ को हटाने की सिफारिश की थी
सीओ देवेंद्र मिश्रा ने चौबेपुर के निलंबित एसओ विनय तिवारी को पहले ही हटाने की सिफारिश उच्च अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। देवेंद्र मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में विनय तिवारी को भ्रष्टाचारी और विवेचना में गड़बड़ी करने वाला बताया था। सीओ ने लेटर में लिखा, विकास दुबे जैसे दबंग कुख्यात अपराधी के खिलाफ थानाध्यक्ष द्वारा सहानभुति बरतना व अबतक कार्यवाही न कराना श्री विनय कुमार तिवारी की सत्यनिष्ठा पूर्ण्त: संदिग्ध है, अन्य माध्यम से भी जानकारी हुई है कि विनय तिवारी का पहले से ही विकास दुबे के पास आना जाना व वार्ता करना बना हुआ था। यदि थानाध्यक्ष ने अपने कार्य प्रणाली में परिवर्तन न किया तो गंभीर घटना घटित हो सकती है।

सांसद संजय सिंह ने लेटर किया ट्वीट
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने शहीद देवेंद्र मिश्रा द्वारा उच्च अधिकारियों को लिखे इस लेटर को ट्वीट करते हुए लिखा, ''कृपया इस पत्र की एक-एक लाइन ध्यान से पढ़िए। यूपी की जनता और पुलिस वालों को गर्व होगा कि यूपी पुलिस में एक ईमानदार अधिकारी थे देवेन्द्र मिश्रा जी। जिन्होंने 14 मार्च को ही विभागीय अधिकारियों से गम्भीर घटना घटित होने की आशंका जताई थी। SO विनय तिवारी और विकास दुबे का सच खोला था।''

देवेंद्र मिश्रा के सिर और सीने में पिस्टल सटाकर मारी गई थी गोली
बता दें, कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में 3 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ में डीएसपी देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। देवेंद्र मिश्रा ही पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, डीएसपी देवेंद्र मिश्रा को सिर और सीने से पिस्टल सटाकर गोली मारी गई थी। इसके बाद कुल्हाड़ी से उनके पैर और शरीर पर हमला किया गया था। शनिवार को देवेंद्र मिश्रा का अंतिम संस्कार किया गया था। रविवार को बेटियों ने उनकी अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया।

बेटी ने कहा- अब मैं पुलिस अधिकारी बनूंगी
देवेंद्र मिश्रा की बड़ी बेटी वैष्णवी ने पुलिस फोर्स ज्वाइन करने की बात कही है। वैष्णवी ने कहा, ''मैं मेडिकल की परीक्षा की तैयारी कर रही थी, लेकिन अब मैं पुलिस अधिकारी बनूंगी और अपने पिता की तरह देश की सेवा करूंगी।'' वैष्णवी ने कहा कि वह विकास दुबे जैसे अपराधियों को वहीं भेजेगी, जहां उनकी असली जगह है।












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