Kanpur encounter: शहीद CO देवेंद्र मिश्रा की चिट्ठी जांच में पाई गई सही, IG ने डीजीपी को सौंपी रिपोर्ट
कानपुर। कानपुर एनकाउंटर से पहले बिल्हौर के शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा द्वारा चौबेपुर के एसओ विनय तिवारी के खिलाफ एसएसपी को लिखी गई चिट्ठी जांच में सही पाई गई है। आईजी लक्ष्मी सिंह ने कानपुर से लौटकर डीजीपी हितेश अवस्थी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें इस बात का जिक्र किया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच पड़ताल, सीओ के स्टाफ से पूछने के बाद पाया गया कि चिट्ठी सही है। बता दें, पुलिस की छापेमारी की मुखबिरी करने और मौके से पीठ दिखाकर भागने के आरोप में गिरफ्तार किए गए चौबेपुर थाने के पूर्व एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा को समेत सात आरोपियों को बुधवार देर रात माती कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से सभी को 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

14 मार्च 2020 को लिखा था पत्र
बता दें, कानपुर में हुई मुठभेड़ में सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर सीओ देवेंद्र मिश्रा की एक चिट्ठी वायरल हुई, जिसमें चौबेपुर के एसओ विनय तिवारी की कार्यशैली और विकास दुबे से साठ-गांठ की बात लिखी गई थी। देवेंद्र मिश्रा का यह पत्र 14 मार्च 2020 को तत्कालीन एसएसपी कानपुर अनंत देव को लिखा गया था। पत्र में सीओ देवेंद्र मिश्रा ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव के सामने विकास दुबे का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया था। सीओ ने लिखा था कि विकास दुबे के खिलाफ 150 मुकदमे हैं। दरअसल, सीओ ने चौबेपुर एसएचओ को विकास दुबे पर कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन विनय तिवारी एक्शन के बजाए विकास दुबे से सहानुभूति दिखा रहा था। लेटर में सीओ ने इस बात का भी जिक्र किया है।

विनय तिवारी को हटाने की सिफारिश की थी
सीओ ने कहा था कि विनय तिवारी का गैंगस्टर विकास दुबे के पास आना-जाना है और उनकी सत्यनिष्ठा संदिग्ध है। सीओ ने चौबेपुर के निलंबित एसओ विनय तिवारी को पहले ही हटाने की सिफारिश उच्च अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। देवेंद्र मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में विनय तिवारी को भ्रष्टाचारी और विवेचना में गड़बड़ी करने वाला बताया था। सीओ ने लेटर में लिखा, विकास दुबे जैसे दबंग कुख्यात अपराधी के खिलाफ थानाध्यक्ष द्वारा सहानभुति बरतना व अबतक कार्यवाही न कराना विनय कुमार तिवारी की सत्यनिष्ठा पूर्ण्त: संदिग्ध है, अन्य माध्यम से भी जानकारी हुई है कि विनय तिवारी का पहले से ही विकास दुबे के पास आना जाना व वार्ता करना बना हुआ था। यदि थानाध्यक्ष ने अपने कार्य प्रणाली में परिवर्तन न किया तो गंभीर घटना घटित हो सकती है। इसके बावजूद विनय तिवारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह चिट्ठी सामने आते ही कई तरह के सवाल खड़े हो गए, लेकिन तब कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार ने इस चिट्ठी को नकार दिया था।

आईजी लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई थी जांच
इस मामले की जांच लखनऊ जोन की आईजी लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई थी। खबरों के मुताबिक, आईजी लक्ष्मी सिंह की जांच में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र की चिट्ठी सही पाई गई है।सीओ देवेंद्र मिश्रा के कम्प्यूटर में भी ये चिट्ठी मौजूद पाई गई और इस चिट्ठी को कार्यालय में तैनात एक महिला सिपाही ने टाइप किया था। कम्प्यूटर आपरेटर से ले कर स्टाफ तक ने एसएसपी को भेजे गए इस पत्र की पुष्टि की है। आईजी लक्ष्मी सिंह ने मामले की जांच कर रिपोर्ट डीजीपी हितेश अवस्थी को सौंपी है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने के लिए कहा है। अब जब जांच में पुष्टि हो गई है, तो सवाल ये भी उठता है कि पूर्व एसएसपी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की और दफ्तर से पत्र कहां गायब हुआ?












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