पीयूष जैन के नोटों के भंडार तक कैसे पहुंची जांच एजेंसी, पान मसाला कंपनी पर छापेमारी में मिला अहम सूत्र

कानपुर, 24 दिसंबर: उत्तर प्रदेश की इस वक्त सबसे बड़ी खबर कानपुर जिले से है। यहां इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर से 150 करोड़ रुपए की अघोषित रकम अभी तक बरामद हो चुकी है। हालांकि, नोटों की गिनती का सिलसिला अभी भी जारी है, जो कल यानी 25 दिसंबर की सुबह तक समाप्त होगा। छापेमारी के दौरान इत्र कारोबारी के घर से कई अलमारियों में नोट भरे मिले हैं, जिनकी गिनती के लिए एसबीआई अधिकारियों का सहयोग लिया जा रहा है। बता दें, छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके से दस्तावेज भी जब्त किए है और पीयूष जैन के बेटे प्रत्यूष जैन को कस्टडी में लिया है।

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    पीयूष जैन के नोटो तक कैसे पहुंची जांच एजेंसी,पान मसाला कंपनी पर छापेमारी में मिला अहम सूत्र
    जानें कैसे मसाले से मिला ट्रक और इत्र का कनेक्शन

    जानें कैसे मसाले से मिला ट्रक और इत्र का कनेक्शन

    पान मसाला कारोबारी के यहां छापे से मिली कड़ियों को डीजीजीआई (डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस) अहमदाबाद ने आपस में इस तरह जोड़ा कि परत दर परत राज खुलता चला गया। दरअसल, खुफिया सूचना के आधार पर डीजीजीआई अहमदाबाद के अधिकारियों ने कानपुर में पान मसाला समूह की फैक्ट्री परिसर और ट्रांसपोर्टर से संबंधित परिसरों में तलाशी शुरू की थी। इसी दौरान जांच में तार एक चर्चित ट्रांसपोर्टर से जुड़े, फिर एक इत्र कारोबारी से भी लिंक मिला।

    10 करोड़ के अघोषित लेनदेन का हुआ खुलासा

    10 करोड़ के अघोषित लेनदेन का हुआ खुलासा

    टीम की जांच में खुलासा हुआ कि करीब 10 करोड़ का अघोषित लेनदेन किया गया है। इसे लेकर एक साथ ट्रांसपोर्टर और इत्र कारोबारी के घर छापा मारा गया। वहां से ट्रांसपोर्टर और पान मसाला कंपनी के बीच करीब दस करोड़ रुपए के कैश लेनदेन का खुलासा हुआ। लेकिन बड़ी सफलता उस वक्त मिली जब ट्रांसपोर्टर के करीबी इत्र कारोबारी के घर पर, जहां से डीजीजीआई विंग को कैश के भंडार मिले। जिसके बाद इनकम टैक्स विभाग को सूचना दी गई। इनकम टैक्स विभाग की टीम नोट गिनने की मशीन अपने साथ लेकर पहुंची थी। लेकिन नोटों का भंडार मिलने के बाद नोट गिनने के लिए चार और मशीनें मंगानी पड़ी थी।

    एक साथ सभी ठिकानों पर मारा छापा

    एक साथ सभी ठिकानों पर मारा छापा

    डीजीजीआई और इनकम टैक्स विभाग ने 23 दिसंबर को इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर, कन्नौज, मुंबई और गुजरात स्थित उनके घर, फैक्ट्री, कोल्ड स्टोरेज, पेट्रोल पंप पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान परिवार के लोगों से पूछताछ भी की गई। तो वहीं, कानपुर के टीपी नगर व आनंदपुरी में बड़ी संख्या में दस्तावेज सीज किए गए।

    150 करोड़ की हो चुकी है वसूली

    150 करोड़ की हो चुकी है वसूली

    केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष विवेक जौहरी के मुताबिक, छापेमारी में लगभग 150 करोड़ रुपये की नकदी ज़ब्त की गई है। एसबीआई अधिकारियों के सहयोग से करेंसी नोटों की गिनती का सिलसिला अभी भी जारी है। यह कल सुबह तक समाप्त हो सकता है। विभाग ने बताया कि गिनती समाप्त होने के बाद ही रकम की सटीक जानकारी दी जा सकेगी।

    फर्जी बिल का इस्तेमाल

    फर्जी बिल का इस्तेमाल

    केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अध्यक्ष विवेक जौहरी ने कहा कि पीयूष जैन के घर छापेमारी के बाद फर्जी बिल और फेक क्रेडिट का मामला दर्ज किया गया है। जीएसटी लॉ कहता है कि अगर आपका बिल एक तय लिमिट से ज्यादा है, तो कई बिल्स जनरेट करने होंगे। छापेमारी के दौरान टीम को ऐसी वस्तु मिली, जिस पर टैक्स रेट 28 प्रतिशत से ज्यादा है। उन्होंने आगे कहा कि जांच में पता चला कि ये लोग बिना किसी बिल और ई-वे बिल के सामग्री भेज रहे थे। इसमें 2-3 पार्टियां शामिल हैं। हमें जो भी बिल मिले, वे सभी फर्जी थे। कई सामानों की कीमत कम बताई गई। फिलहाल छापेमारी अभी जारी है।

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