कानपुर संवासिनी गृह मामला: अखिलेश यादव ने योगी सरकार से की जांच की मांग
कानपुर। कानपुर के राजकीय बालिका सुधार गृह की 7 नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने, उनके कोरोना पॉजिटिव और एड्स पीड़ित होने पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का इस मामले में बयान सामने आया है। अखिलेश ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है। अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट करके कहा, 'कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह से आई खबर से उप्र में आक्रोश फैल गया है। कुछ नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने का गंभीर खुलासा हुआ है। इनमें 57 कोरोना से व एक एड्स से भी ग्रसित पाई गयी है, इनका तत्काल इलाज हो।' अखिलेश ने कहा कि सरकार शारीरिक शोषण करने वालों के खिलाफ तुरंत जांच बैठाए।

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प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले प्रियंका गांधी ने कहा, 'कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक तथ्य आया कि 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक को एड्स पॉजिटिव निकला। मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। यूपी में भी देवरिया से ऐसा मामला सामने आ चुका है। ऐसे में पुनः इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांचों के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं।'
क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित सरकारी बाल संरक्षण गृह में एक साथ 57 लड़कियां कोरोना वायरस से संक्रमित मिलींं। खबर है कि यहां 7 लड़कियां गर्भवती भी पाई गई हैं। जांच के दौरान पता चला कि दो लड़कियां एचआईवी और हेपेटाइटिस सी से भी ग्रसित हैं। विवाद बढ़ा तो कानपुर डीएम ने ट्वीट किया, 'कानपुर संवासिनी गृह में कोरोना पॉज़िटिव मामलों में से दो गर्भवती लड़कियों की खबर के बारे में यह स्पष्ट करना है कि ये पॉक्सो एक्ट के तहत CWC आगरा और कन्नौज के आदेश से दिसंबर 2019 में यहां संवासित की गई थीं और तत्समय किए गए मेडिकल परीक्षण के अनुसार ये पहले से गर्भवती थीं।'












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