Kannauj News: कन्नौज में एसडीएम और वकीलों के बीच भिड़ंत, गुस्साए अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन!
Kannauj News: यूपी के कन्नौज जिले की छिबरामऊ तहसील में गुरुवार को वकीलों और एसडीएम न्यायिक के बीच विवाद बढ़ गया। वकीलों ने न्यायिक कार्य बंद कराने की मांग की, लेकिन एसडीएम के इनकार करने पर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। एसडीएम अविनाश कुमार गौतम ने आरोप लगाया कि कुछ वकीलों ने उनके साथ अभद्रता की, गर्दन पकड़ ली और बाल खींचने के साथ-साथ पत्रावलियां छीनने का प्रयास किया।
घटना के बाद एसडीएम ने बार एसोसिएशन के महासचिव ललित प्रताप सिंह और शिवम शुक्ला समेत अन्य वकीलों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इस कार्रवाई के बाद वकीलों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्य से विरत रहे।

छिबरामऊ तहसील के एसडीएम न्यायिक अविनाश कुमार गौतम के अनुसार, 27 मार्च की सुबह करीब 11 बजे वे न्यायालय में अपने कार्यों में व्यस्त थे। तभी अधिवक्ता ललित प्रताप सिंह पहुंचे और सभी वकीलों से न्यायिक कार्य न करने के लिए कहा। उन्होंने एसडीएम से भी कहा कि आज कोर्ट नहीं चलने दी जाएगी।
एसडीएम ने बिना लिखित प्रस्ताव के न्यायालय स्थगित करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वकील भड़क गए। जब उन्होंने अपने पेशकार को पुकार लगाने को कहा, तो अधिवक्ता गुस्से में आ गए और पेशकार पर भी चिल्लाने लगे।
पत्रावलियां छीनने की कोशिश, मारपीट के आरोप
एसडीएम के अनुसार, जब वे कुछ पत्रावलियां लेकर कोर्ट से बाहर आए, तो वकीलों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि ललित प्रताप सिंह और अन्य वकीलों ने उनका हाथ पकड़ लिया और पत्रावलियां छीनने की कोशिश की। इसी दौरान अधिवक्ता शिवम शुक्ला ने पीछे से गर्दन पकड़ ली और बाल खींचने लगे।
एसडीएम द्वारा बार एसोसिएशन के महासचिव समेत अन्य अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद वकीलों में नाराजगी बढ़ गई। शुक्रवार को तहसील परिसर में वकीलों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और विरोध प्रदर्शन किया।
वकीलों का कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। यदि यह रिपोर्ट वापस नहीं ली गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। विरोध को देखते हुए तहसील परिसर में कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं मिला।
एसडीएम पर वकीलों ने लगाया ये आरोप
बार एसोसिएशन छिबरामऊ के महासचिव ललित प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक और सीओ को पत्र भेजकर एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 25 मार्च की सुबह करीब 10:30 बजे वे अपने चेंबर के बाहर अन्य अधिवक्ताओं के साथ खड़े थे।
उसी दौरान एसडीएम अविनाश कुमार गौतम अपनी गाड़ी से वहां से गुजरे और रुककर उन्हें बुलाया। आरोप है कि एसडीएम ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा कि यदि वे तहसील परिसर में न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे, तो उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें बर्बाद कर देंगे।
बार एसोसिएशन के महासचिव ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने और बार अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौर ने बातचीत से मामले को सुलझाने की बात कही, तो एसडीएम ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
26 मार्च को अधिवक्ताओं ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। इसके बाद 27 मार्च को एसडीएम ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी। वकीलों ने प्रशासन से मांग की है कि एसडीएम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा वे आंदोलन तेज करेंगे।












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