राजस्थान में बच्चों की मौत, हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर सरकार से मांगी रिपोर्ट
जोधपुर। कोटा के जेके लोन अस्पताल में सौ से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट पर संज्ञान लिया है। कोटा समेत कई जिलों से सरकारी अस्पतालों में नवजात बच्चों की मौत के मामले में स्व-प्रेरणा प्रसंज्ञान से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बच्चों की मौत गहरी पर चिंता जताते हुए बच्चों की मौत पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है कि दिसम्बर 2019 में कोटा में 110, बीकानेर में 162 और जोधपुर में 146 बच्चों समेत प्रदेश के अस्पतालों में बच्चों की मौत किस वजह से हुई है। इसकी रिपोर्ट 10 फरवरी को तलब करने के आदेश दिए हैं। स्व-प्रेरणा प्रसंज्ञान से दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के सीजे इंद्रजीत महांति व जस्टिस पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की खण्डपीठ में हुई सुनवाई।
न्यायमित्र राजवेन्द्र सारस्वत ने जनता का पक्ष रखा। हाईकोर्ट खण्डपीठ ने मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। जिनमें जिला स्तर के सरकारी अस्पतालों को कम्प्यूटराइज्ड करने के निर्देश भी शामिल हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों में सभी रिक्त व स्वीकृत पदों की रिपोर्ट मांगी गई है।












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