Rajasthan Election: भाजपा ने CM अशोक गहलोत के सामने मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को क्यों नहीं उतारा?
Ashok Gehlot vs Gajendra Singh Shekhawat: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सरदारपुरा सीट पर सीएम अशोक गहलोत के सामने भाजपा ने केंद्रीय गजेंद्र सिंह शेखावत की बजाय महेंद्र सिंह राठौड़ को उतारा है।
Ashok Gehlot Sardarpura Seat in Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधासभा चुनाव 2023 की सबसे हाई प्रोफाइल सीट सरदारपुरा की तस्वीर साफ हो गई है। यहां पर कांग्रेस उम्मीदवार व सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बतौर भाजपा उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ेंगे।
अशोक गहलोत वर्सेज महेंद्र सिंह राठौड़
भाजपा उम्मीदवारों की तीसरी सूची से गजेंद्र सिंह शेखावत के सरदारपुरा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लग गया है, क्योंकि भाजपा ने सरदारपुरा में सीएम अशोक गहलोत के सामने नया चेहरा डॉ. महेंद्र राठौड़ को उतारा है। वर्तमान में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में कॉमर्स के डीन राठौड़ जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

अशोक गहलोत वर्सेज गजेंद्र सिंह शेखावत क्यों?
दरअसल, अशोक गहलोत व गजेंद्र सिंह शेखावत दोनों ही जोधपुर के रहने वाले हैं। गहलोत माली समाज तो शेखावत राजपूत समाज से आते हैं। दोनों एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। शेखावत जोधपुर से लगातार दूसरी सांसद हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में तो गजेंद्र सिंह शेखावत के सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराया था।
सरदारपुरा से गजेंद्र सिंह शेखावत ने क्यों नहीं लड़ा चुनाव?
9 अक्टूबर को भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में 7 सांसदों को टिकट मिलने पर तो इस चर्चा ने भी जोर पकड़ लिया कि इस बार गजेंद्र सिंह शेखावत सरदारपुरा सीट पर गहलोत के सामने चुनाव लड़ सकते हैं।
शेखावत ने पहले ही इस तरह के संकेत दे दिए थे कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। भाजपा की चौथी सूची से तस्वीर साफ भी हो गई। राजस्थान की राजनीति के जानकार इसके कई कारण बता रहे हैं कि आखिर गजेंद्र सिंह शेखावत अलवर, झुंझुनूं, राजसमंद व जयपुर ग्रामीण जैसे अन्य सांसदों की तरह विधानसभा चुनाव क्यों नहीं लड़ रहे?
भाजपा जीती तो सीएम बनेंगे गजेंद्र सिंह शेखावत?
मीडिया की खबरों की मानें तो गजेंद्र सिंह शेखावत खुद चुनाव नहीं लड़कर अपने समर्थकों को टिकट दिलवाया है। शायद गजेंद्र सिंह शेखावत पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं कि भाजपा आलाकमान उन्हें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया के विकल्प के तौर पर देख रहा है।
वैसे भी राजस्थान में भाजपा राजपूतों के सहारे है। इस बार भाजपा का सीएम फेस घोषित नहीं। अगर भाजपा जीतने पर वसुंधरा राजे की बजाय गजेंद्र सिंह शेखावत को सीएम बनाया जाता तो वे अपने किसी समर्थक से सीट खाली करवा सकते हैं। ऐसे में गजेंद्र सिंह शेखावत ने खुद चुनाव नहीं लड़कर अपने समर्थकों को टिकट दिलवाए हैं।












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