Padmaram Jat: सेना के जवान पदमाराम जाट की पार्थिव देह पहुंची जोधपुर, सैन्य अफसरों पर प्रताड़ना के आरोप
जोधपुर के रहने वाले पदमाराम जाट 12 जाट रेजीमेंट के जवान थे। पंजाब में संदिग्धवस्था में उनकी मौत हो गई। सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी सैन्य अफसरों पर कई आरोप लगाए हैं।
भारतीय सेना के जवान पदमाराम जाट की मौत पर उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उनकी पार्थिव देह जोधपुर पहुंची तो परिजनों व ग्रामीणों ने सेना के ट्रक के आगे बैठकर प्रदर्शन किया।
जवान के परिजनों का आरोप है कि सेना के अफसरों ने उनको प्रताडि़त किया। वहीं, शव लेकर आए जवानों ने बताया कि पदमाराम ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी थी।

पदमाराम जाट मूल रूप से जोधपुर जिले के गांव नाथडाऊ के रहने वाले थे। हंगामा कर रहे परिजनों को स्थानीय प्रशासन ने समझाइश की इसके बाद वे शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने रक्षा मंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया और लिखा कि राजनाथ जी संज्ञान लेवें। राजस्थान के जोधपुर जिले की चामू तहसील के ग्राम नाथड़ाऊ निवासी पदमाराम जाट जो 14 जाट रेजीमेंट में पंजाब के गुरदासपुर में कार्यरत थे।
परिजनों के अनुसार जवान पदमाराम को यूनिट के अधिकारी लंबे समय से टॉर्चर कर रहे थे और जबरन उस पर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में खेलने का दबाव बनाया जा रहा था चूंकि यूनिट के अफसरों के अनुसार जवान पदमाराम ने आत्महत्या की जबकि जवान के परिजन उसकी मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में होना बता रहे हैं। आप मामले में त्वरित प्रभाव से रक्षा मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों को निर्देशित करके मामले का निष्पक्ष व गहनता से अनुसंधान करने के निर्देश जारी कर न्यायोचित कार्रवाई करवाएं। इस संदर्भ में आज दोपहर को दिवंगत सैनिक के परिजनों ने मुझसे मुलाकात की थी'
सेना के जवान पदमाराम जाट का शव लेकर आए 14 जाट रेजीमेंट के सूबेदार दलपतराम के अनुसार पंजाब पुलिस पदमाराम सुसाइड केस की जांच कर रही है। पदमाराम का मोबाइल समेत अन्य सामान पंजाब पुलिस के पास है। वहां के सिविल अस्तपाल में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
पदमाराम जाट के परिजनों की मानें तो वे एक बेहतरीन बॉक्सर भी थे। पांच जून को पंजाब में बॉक्सिंग प्रतियोगिता हुई। उसमें हिस्सा भी लिया था। दो दिन पहले ही छोटे भाई कान्हाराम से उनकी बात भी हुई थी। तब भाई पदमाराम ने उनको बताया था कि सैन्य अधिकारी उन्हें टॉर्चर कर रहे हैं। वे बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेना चाहते थे। उन पर इसके दबाव डाला गया था।












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