किसान खेतों के असली वैज्ञानिक, छात्रों को किसानों से सीखने चाहिए खेती को उन्नत बनाने के तरीके
जोधपुर। राजस्थान के राज्यपाल व चांसलर कलराज मिश्र ने कहा कि हमें आधुनिक जमाने को देखते हुए कृषि शिक्षा तरीके में बदलाव करना होगा। यह इसलिए भी जरूरी है ताकि युवा पीढ़ी राज्य सेवाओं में जाने के बारे में सोचने की बजाय कृषि-संबंधित कार्यों, उद्यमों और खेती की गतिविधियों को करने के लिए उत्सुक हो।राज्यपाल मिश्रा सोमवार को कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के ऑनलाइन दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसान खेतों के असली वैज्ञानिक हैं। किसान छात्रों को ऐसे तरीके बता सकते हैं जिससे खेती को और उन्नत बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। राजस्थान में एक समय था जब किसान खेती के लिए पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर थे, लेकिन इंदिरा गांधी नहर परियोजना ने आज गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ जैसे जिलों के बड़े रेगिस्तानी इलाकों को कृषि योग्य भूमि में बदल दिया। हरित क्रांति, देश के किसानों ने अपनी मेहनत से देश को कृषि में आत्मनिर्भर बनाया। मुख्यमंत्री ने कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने और मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने, कम पानी में अधिक पैदावार देने और कृषि को तकनीक के साथ जोड़ने पर जोर दिया।












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