Jharkhand Chunav के बीच ही आदिवासी वोटरों के लिए BJP के हाथ लगा बड़ा दांव! चुनावी संदेश देने का मौका
Jharkhand Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए 13 और 20 नवंबर को मतदान होना है। इसी दौरान एक ऐसा मौका है, जिसको लेकर केंद्र में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने पहले से ही काफी तैयारी कर रखी है। 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' के मौके पर और उसके बाद से एक साल तक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने कई सारे कार्यक्रमों का इंतजाम किया है।
आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती को 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाने का फैसला मोदी सरकार का ही है और अगले साल उनकी 150वीं जयंती होने की वजह से केंद्र सरकार आगे पूरे साल भर आदिवासियों से जुड़ी योजनाएं लॉन्च करने वाली है और कार्यक्रमों के आयोजन का इंतजाम किया गया है।

बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के लिए केंद्र ने की भव्य तैयारी
बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को देखते हुए बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार अगले पूरे हफ्ते तक कई कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इसके लिए अगले 10 दिनों तक केंद्र सरकार ने कई सारी योजना और कार्यक्रम लॉन्च करने की तैयारी कर रखी है।
12 से 15 नवंबर के बीच उद्भव उत्सव
खुद प्रधानमंत्री मोदी कई सारे सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं, शैक्षणिक कार्यक्रम और आदिवासी उत्सवों को लॉन्च करने वाले हैं। इसकी शुरुआत ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) में अखिल-भारतीय वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव के साथ होगी।
12 से 15 नवंबर के बीच राज्यों की ओर से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय उद्भव उत्सव का भी आयोजन होगा, जो आमतौर पर अक्टूबर में आयोजित किया जाता है, जो इस साल टाल दिया गया था। 'भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी: हमारी श्रद्धांजलि' नाम के कार्यक्रम में पूरे देश के 2,500 आदिवासी छात्र शामिल होंगे।
जानकारी के मुताबिक केंद्र ने सभी आदिवासी-बहुल राज्यों से कहा है कि 15 नवंबर की जयंती वर विशेष कार्यक्रम आयोजित करवाएं। अपना नाम नहीं जाहिर होने देने की गुजारिश के साथ कुछ अधिकारियों ने बताया कि बंगाल और तमिलनाडु जैसे विपक्षी-दल शासित राज्यों जहां से केंद्र के दिशा-निर्देशों के पालन की संभावना कम है, वहां केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री जुएल ओरांव ने राज्यपालों से ऐसे कार्यक्रम आयोजित कराने का आग्रह किया है।
'जनजातीय गौरव दिवस' पर पीएम मोदी करेंगे कई योजनाओं को लॉन्च
15 नवंबर यानी बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर पीएम मोदी बिहार के जमुई से 10 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे और उसी दिन ऐसे 25 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला रखेंगे। जमुई बिहार और झारखंड की सीमा पर है।
जमुई में पीएम मोदी का होगा बड़ा कार्यक्रम
वहीं से देश भर के ऐसे 100 आदिवासी-बहुल जिले के लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ सीधे जुड़ेंगे और बातचीत में हिस्सा लेंगे जो विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं। इन जिलों में विशेष रूप से वे जिले रहते हैं, जो कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) में आते हैं।
जमुई से ही आदिवासियों के विकास के लिए कई योजनाएं का भी वे उद्घाटन करेंगे। पिछले साल 15 नवंबर (2023) को प्रधानमंत्री मोदी बिरसा मुंडा के पुश्तैनी गांव खूंटी जिले के उलिहातू पहुंचे थे और उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।
19 नवंबर को आदिवासी छात्रों के लिए शुरू हो सकती है स्कॉलरशिप स्कीम
19 नवंबर को यानी झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के एक दिन पहले ओडिशा से वे शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना भी शुरू कर सकते हैं। इस योजना के तहत आदिवासी छात्रों को 5,000 रुपए से लेकर कुछ मामलों में 2,50,000 रुपए सालाना तक स्कॉलरशिप दी जाएगी।
बिरसा मुंडा से जुड़े एक साल के कार्यक्रमों का अगले साल होगा समापन
इस योजना की शुरुआत ओडिशा के सुनंदरगढ़ जिले से होने की संभावना है और यह इलाका भी झारखंड से सटा हुआ है। बिरसा मुंडा से जुड़े ऐसे तमाम कार्यक्रम अगले एक साल तक चलेंगे और 15 नवंबर, 2025 को इसका समापन होगा।
झारखंड में 26.2 फीसदी आदिवासी जनसंख्या
2011 की जनगणना के मुताबिक झारखंड में आदिवासियों की कुल आबादी 26.2 फीसदी थी। राज्य की 81 विधानसभा सीटों में से 28 अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए ही आरक्षित हैं। राज्य में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा खुद को आदिवासी मतों का सबसे बड़ा दावेदार समझती है। लेकिन, मोदी सरकार ने लगातार आदिवासियों के लिए योजनाएं चलाकर और उनके आदर्शों को सम्मानित करके उसके दबदबे को खत्म करने की कोशिशों में जुटी हुई है।












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