JAMTARA : बेटे की जान बचाने के लिए हर माह साइकिल से 400 KM का सफर तय करते हैं पिता

जामताड़ा, 31 मई। झारखंड में साइबर ठगी के गढ़ जामताड़ा से इस बार कोई स्कैम नहीं बल्कि हर किसी के दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। तस्वीर एक साइकिल पर बैठे पिता पुत्र की है और कहानी ये है कि पिता अपने बेटे की जान बचाने के लिए हर माह चार सौ किलोमीटर का सफर इसी साइकिल से तय करते हैं।

Father travels 400 KM every month by cycle To save life of son in Jharkhand

दरअसल, झारखंड के गोड्डा के गांव प्रतापपुर निवासी दिलीप यादव का पांच वर्षीय बेटा विवेक आनुवांशिक बीमारी थैलेसीमिया से पीड़ित है। इसकी वजह विवेक के शरीर मं खून नहीं बनने की समस्या है। ऐसे में उसे हर माह 400 किलोमीटर दूर जामताड़ा आना पड़ता है। वो भी साइकिल पर।

मीडिया से बातचीत में दिलीप यादव कहते हैं कि जन्म के पांच माह बाद ही बेटे विवेक को सर्दी, बुखार व खांसी की दिक्कत होने लगी थी। पीरपैंती के डॉक्टर अरुण से जांच कराई तो पता चला कि विवेक थैलेसीमिया की समस्या है।

इस पर दिलीप अपने बेटे को पहले तो भागलपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंहा के पास लेकर गए और फिर दिल्ली ले आए। दोनों ही जगह समान बीमारी बताई। दिलीप कुछ माह तक दिल्ली रहे और यहां सफदरगंज अस्पताल में कई माह तक विवेक को दो यूनिट ए निगेटिव ब्लड फ्री में मिलता रहा।

दिक्कत तो तब शुरू हुई जब पिछले साल कोरोना महामारी के चलते लागू हुए लॉकडाउन दिल्ली से झारखंड लौटना पड़ा। तब से दिलीप को बेटे को ए निगेटिव खून चढ़वाने के लिए हर माह चार सौ किलोमीटर दूर जामताड़ा जाना पड़ता है। घर में कोई अन्य साधन नहीं होने पिता-पुत्र यह सफर साइकिल से तय करती है।

यह भी बताया जा रहा है कि अब दिलीप के बेटे विवेक के इलाज के लिए महगामा विधायक दीपिका पांडे से भी मदद की गुहार लगाई गई तो सरकारी योजना के तहत दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में इलाज का आश्वासन मिला है।

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