दुमका गैंगरेप: बोले शिवानंद तिवारी-'पोर्न फिल्में और आइटम नंबर्स हैं रेप की वजह' , देखें Video
रांची। झारखंड के दुमका जिले में 35 वर्षीय महिला के साथ हुए गैंगरेप की शर्मनाक घटना ने एक बार फिर से देश को हिलाकर रख दिया है। इस घिनौनी हरकत पर राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने अनोखी बात कही है। ANI से बात करते हुए राजद नेता ने कहा कि कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि इस तरह की हरकत किसी आदिवासी महिला के साथ होगी, इस घटना ने एक बार फिर से मानवता को शर्मसार कर दिया है।

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शिवानंद तिवारी ने कहा कि 'आदिवासी संस्कृति में कभी कोई बलात्कार नहीं था, आदिवासी महिला के साथ रेप का मतलब यह हुआ कि आज महिलाओं के प्रति जघन्य अपराध समाज के सबसे आंतरिक भाग तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, इसके पीछे वजह आधुनिकता के नाम पर जो अश्लील सामग्री फैलाई जा रही है वो है।'
'आइटम डांस' में परोसी जाती है अश्लीलता
RJD के दिग्गज नेता ने आगे कहा कि हमारी फिल्मों में 'आइटम डांस' के नाम पर हो या फिर 'विज्ञापन' में महिलाओं को दिखाना या फिर मोबाइल फोन पर मौजूद 'पोर्न' मटेरियल, हर जगह औरत को एक उपभोग की वस्तु के रूप में पेश किया गया है। ये ही चीजें समाज को प्रदूषित कर रही हैं और बलात्कार की ओर उकसाती हैं। इस तरह की गंदी चीजें , कंटेट और सामग्री लोगों की मानसिकता पर असर डालती हैं, जब तक इन्हें रोका नहीं जाएगा, इस तरह की घटनाएं घटित होती रहेंगी।
'अश्लील चीजों के प्रसारण को रोकना बहुत जरूरी है'
राजद नेता ने आगे कहा कि 'निर्भया कांड' के वक्त मैंने राज्यसभा में भी कहा था और आज भी कहता हूं कि कानून सख्त होने या कमीशन बनाने से कुछ नहीं होगा, जब तक कि अश्लील चीजों के प्रसारण को रोका नहीं जाएगा तब तक ऐसे अपराध होते रहेंगे इसलिए इस ओर सोचना बहुत जरूरी है, ये समाज को खराब कर रहा है।
पांच बच्चों की मां के साथ 17 लोगों ने किया रेप
गौरतलब है कि दुमका के मुफस्सिल थाना इलाके में पति के साथ मेला देखकर घर लौट रही 35 वर्षीय और पांच बच्चों की मां के साथ मंगलवार देर रात 17 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके बाद फरार हो गए। इस दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी संताल परगना क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल ने मीडिया को दी, उन्होंने कहा कि पीड़िता की मेडिकल जांच हुई है और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, पीड़िता 17 आरोपियों में से एक को पहचानती है।
तो वहीं दूसरी ओर इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। घटना को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने झारखंड के डीजीपी को पत्र लिखा है। महिला आयोग ने पत्र लिखकर दो महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आयोग ने मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट की भी मांग की है। वहीं बिहार की डिप्टी सीएम रेणु देवी ने गैंगरेप की इस घटना को लेकर झारखंड सरकार पर हमला बोला है।












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