श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती को किया गया नजरबंद, भाई तस्सदुक को ED ने पूछताछ के लिए बुलाया
नई दिल्ली, 17 नवंबर: कश्मीर घाटी में भारतीय सेना और अन्य सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर दिया है। इस बीच घाटी के कई नेता आम जनता को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वहां पर अशांति फैलाई जा सके। सूत्रों के मुताबिक हालात को देखते हुए जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती को भी उनके श्रीनगर स्थित आवास में नजरबंद कर दिया गया है।

दरअसल श्रीनगर में सोमवार को दो आतंकी मारे गए थे। उनके साथ 2 व्यापारियों की भी मौत हुई। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक दोनों व्यापारी 'आतंकवाद समर्थक' थे। जिस वजह से उनकी मौत हुई। हालांकि परिजनों ने पुलिस के बयान को गलत बताया है। साथ ही मामले में जांच की मांग की। इसके बाद महबूबा ने कहा कि नागरिकों को मानव ढाल के रूप में उपयोग करना, उन्हें क्रॉस फायरिंग में मारना और फिर आसानी से उन्हें ओजीडब्ल्यू घोषित करना, भारत सरकार के प्रोसीजर का हिस्सा बन चुका है। सच्चाई को सामने लाने के लिए एक विश्वसनीय न्यायिक जांच जरूरी है।
वहीं बुधवार को जम्मू में महबूबा के नेतृत्व में एक प्रदर्शन हुआ। जिसमें 'कश्मीरियों का कत्लेआम बंद करो' का नारा भी लगा था। इसके बाद ही प्रशासन ने उनको नजरबंद करने का फैसला लिया। फिलहाल वो अगले आदेश तक घर में ही रहेंगी। इस दौरान उनको किसी से मुलाकात की इजाजत नहीं होगी। सूत्रों ने बताया कि महबूबा मारे गए व्यापारी अल्ताफ अहमद भट और डॉ. मुदासिर गुल से मिलने की योजना बना रही थीं।
भाई को ईडी ने भेजा समन
वहीं दूसरी ओर महबूबा मुफ्ती के भाई तस्सदुक हुसैन मुफ्ती को प्रवर्तन निदेशालय ने समन भेजा है। साथ ही उन्हें गुरुवार सुबह दिल्ली स्थित कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया। ये पूछताछ उनसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में होगी। जम्मू-कश्मीर में जब पीडीपी की सरकार थी, तो तस्सदुक को महबूबा ने मंत्री बनाया था।












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