JK Kishtwar Chunav 2024 Voting : जानिए हॉट सीट किश्तवाड़ का हाल, जहां से शगुन परिहार हैं चुनावी मैदान में
JK Kishtwar Election 2024 News: जम्मू-कश्मीर में 2024 के विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज, 18 सितंबर को शुरू हो गया है। सुबह 7 बजे से ही किश्तवाड़ सीट के लिए मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। मतदाता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
जम्मू संभाग में आने वाली किश्तवाड़ सीट पर चुनावी माहौल खासा गरम है, जहां मुख्य रूप से तीन प्रमुख दलों जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC), जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच टक्कर है। बीजेपी उम्मीदवार शगुन परिहार (Shagun Parihar) की वजह से यह सीट चर्चा में छाई हुई है। शगुन के पिता और चाचा की मौत आतंकी हमले में चली गई थी।

जानें वोटिंंग अपडेट
- सुबह 11 बजे तक 32.69 प्रतिशत मतदान हुए हैं।
क्या है किश्तवाड़ सीट पर चुनावी इतिहास? (Kishtwar Seat History)
किश्तवाड़ विधानसभा सीट 1962 में बनी थी। तब से अब तक नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस सीट पर सबसे ज्यादा 6 बार जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने भी यहां तीन बार जीत हासिल की है। वहीं, बीजेपी ने 2014 में पहली बार इस सीट पर विजय प्राप्त की। इस बार भी मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है।
चुनाव रण में शगुन के सामने कौन-कौन?
नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस (JKNC) ने संयुक्त रूप से दो बार के विधायक सज्जाद अहमद किचलू को चुनावी मैदान में उतारा है। पीडीपी (JKPDP) ने फिरदौस टॉक को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी ने आतंकी हमले में मारे गए नेता अनिल परिहार की भतीजी शगुन परिहार पर दांव खेला है।
2014 के चुनाव का परिणाम (Kishtwar Seat 2014 Election Result)
2014 में किश्तवाड़ विधानसभा सीट पर बीजेपी ने पहली बार जीत दर्ज की थी। सुनील शर्मा ने उस समय के विधायक सज्जाद अहमद किचलू को 4.63% वोटों के अंतर से हराया था। सज्जाद अहमद तीन बार के विधायक बशीर अहमद किचलू के पुत्र हैं। बीजेपी की यह जीत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इस सीट पर पहले हमेशा कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का दबदबा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में पहली बार 370 हटने के बाद चुनाव
साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। इस चुनाव के पहले चरण में 24 सीटों पर मतदान हो रहा है, जो सात जिलों में फैली हुई हैं। इस चुनाव को जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति और भविष्य के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी पार्टियां पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी हैं, और परिणाम किस दिशा में जाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।












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