J&K news: राजौरी में आतंकियों ने अमेरिकी M4 कार्बाइन से सैनिकों पर बरसाईं थीं गोलियां, सामने आई तस्वीर
Poonch attack, जम्मू-कश्मीर के राजौरी में गुरुवार (21 दिसंबर) को आतंकवादियों ने सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए। अब इस आतंकी हमले से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है।
पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) ने पुंछ आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकवादियों ने सोशल मीडिया पर हमले वाली जगह की तस्वीरें भी जारी कीं है। जिसमें आतंकियों को अत्याधुनिक अमेरिकी निर्मित एम4 कार्बाइन असॉल्ट राइफलों के इस्तेमाल को दिखाया गया है।

दोपहर 3:45 बजे भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने बफलियाज इलाके में सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया था। हमले में पांच सैनिक शहीद हो गए थे। दो घायल हैं। आतंकियों ने ग्रेनेड दागे, फिर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। हमले में दो जवानों के शव क्षत-विक्षत भी कर दिए गए थे।
एम4 कार्बाइन 1980 के दशक के दौरान अमेरिका में विकसित एक हल्की, गैस-संचालित, मैगजीन कार्बाइन है। यह अमेरिकी सशस्त्र बलों का प्राइमरी इन्फ्रेंट्री आर्म्ड वैपन है और इसे 80 से अधिक अन्य देशों में सेना द्वारा यूज किया जा रहा है। एम4 को आमने-सामने की लड़ाई के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह बहुत ही शानदार राइफल है। यह विभिन्न प्रकार की युद्ध स्थितियों के लिए सटीक, विश्वसनीय और उपयुक्त भी है। जिसके चलते यह सैन्य और कानून प्रवर्तन कर्मियों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है।
यह पहली बार नहीं है जब कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा हाई पावर वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। 2016 के बाद से सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों के पास से स्टील की गोलियों के साथ चार M4 राइफलें बरामद की हैं। स्टील की गोलियां अधिक नुकसान पहुंचाती हैं और वाहनों और अन्य सुरक्षा साधनों को आसानी से भेद सकती हैं।
16 दिसंबर को बीएसएफ के एक सीनियर अफसर ने इंटेलिजेंस के हवाले से जानकारी दी थी कि पाकिस्तान सीमा में 250 से 300 आतंकी लॉन्चपैड पर हैं। ये जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में हैं। अफसर ने बताया कि सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है। सीमा पार से किसी भी तरह की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications