जम्मू-कश्मीर: आम नागरिकों को निशाना बनाने के बाद सुरक्षाबलों की कार्रवाई तेज, हिरासत में 570 लोग
श्रीनगर, 10 अक्टूबर: घाटी में आतंकियों का भारतीय सेना लगातार मुंह तोड़ जवाब दे रही है। दहशतगर्द सेना के डर के आगे अब वहां के आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। बीते कुछ दिनों में आतंकियों ने कई आम लोगों को मौत के घाट उतार दिया, जिसके बाद सेना भी कार्रवाई करने में जुटी हुई है। एक हफ्ते में आतंकियों ने 7 लोगों की हत्या कर दी, जिसके बाद घाटी में सुरक्षाबलों ने एक्शन तेज कर दिया, अब तक 570 लोगों को हिरासत में लिया है।

श्रीनगर में 70 युवा हिरासत में
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में अल्पसंख्यकों को टारगेट बनाकर किए गए आतंकी हमलों के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने देश विरोधी असामाजिक तत्वों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है। कश्मीर घाटी में एक हफ्ते में सात नागरिकों की मौत के बाद श्रीनगर में करीब 70 युवाओं को हिरासत में लिया गया है। पूरे कश्मीर में कुल 570 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर में 15 स्थानों पर छापेमारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कई पथराव करने वालों और अन्य असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। केंद्र ने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में तालमेल के लिए खुफिया एजेंसी के एक टॉप अधिकारी को भी श्रीनगर भेजा है। इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों के खिलाफ अपनी रणनीति के तहत जम्मू-कश्मीर में 15 स्थानों पर छापेमारी की।
एक हफ्ते में 7 लोगों की मौत
Recommended Video
आपको बता दें कि पिछले पांच दिनों में मारे गए छह नागरिकों में से 4 अल्पसंख्यक समुदायों के थे और 6 मौतें घाटी के मुख्य शहरी केंद्र श्रीनगर में हुईं है। श्रीनगर के एक सरकारी स्कूल के अंदर गुरुवार को एक महिला प्रिंसिपल और एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी के साथ प्रमुख कश्मीरी पंडित और श्रीनगर की सबसे प्रसिद्ध फार्मेसी के मालिक माखन लाल बिंदू की मंगलवार को उनकी दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक चाट विक्रेता, बिहार के वीरेंद्र पासवान और एक अन्य नागरिक मोहम्मद शफी भी मंगलवार को श्रीनगर और बांदीपोरा में मौत के घाट उतार दिया था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021 में अब तक कुल 28 नागरिकों को आतंकवादियों ने मार गिराया है। मारे गए 28 लोगों में से पांच व्यक्ति स्थानीय हिंदू या सिख समुदायों के थे और दो गैर-स्थानीय हिंदू मजदूर थे।












Click it and Unblock the Notifications