Jammu Kashmir Chunav: श्रीनगर की लाल चौक सीट पर कौन मारेगा बाजी? NC,BJP,PDP सभी लगा रहे पूरा जोर
Jammu Kashmir Chunav 2024: करीब तीन दशकों तक श्रीनगर का लाल चौक पूरे देश से आम तौर पर कटा रहा था। वहां जाना नामुमकिन तो नहीं था, लेकिन बहुत ही मुश्किल था। हाल ही में देश के पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी इस मुश्किल स्थिति के बारे में तत्कालीन सरकारों की सीमाएं बताई हैं।
लेकिन, वही लाल चौक आज बहुरंगी हो चुका है। वहां हमेशा भीड़ रहती है और लोग मस्ती करते नजर आते हैं। वहां का घंटा घर उसी तरह से पूरे दिन और देर शाम तक आम शहरियों और सैलानियों को अपनी ओर खींचता है, जैसे देश के किसी अन्य शहरों के प्रमुख स्थानों में देखा जाता है।

हमेशा से भाजपा के एजेंडे में रहा है श्रीनगर का लाल चौक
जबतक जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की वजह अशांति थी, तब भी श्रीनगर का लाल चौक भाजपा के एजेंडे में रहा। आर्टिकल 370 के खात्मे के बाद आज जमीनी हालात ये है कि लाल चौक पर पूरे दिन सामान्य गतिविधियां नजर आती हैं। तिरंगा भी शान से फहराता है और आए दिन कोई न कोई झांकियां भी निकलती देखी जा सकती है। इसमें हिंदुओं के पर्व-त्योहारों से जुड़ी झाकियां भी शामिल होती हैं।
तीन दशकों बाद बदल गई लाल चौक की सूरत
श्रीनगर के लाल चौक विधानसभा क्षेत्र में 25 सितंबर यानी बुधवार को चुनाव होने जा रहा है। परिसीमन में अमीरा कदल और सोनावर सीटों के कुछ हिस्सों को मिलाकर लाल चौक के नाम से नई विधानसभा सीट बनाई गई है। भाजपा के लिए यह सीट बहुत ही अहम है।
क्योंकि, 1990 के दशक में भी लाल चौक उसके लिए मुद्द हुआ करता था और आर्टिकल 370 और 35(ए) खत्म होने के बाद उसके नेतृत्व वाले प्रशासन ने इसके विकास और साज-सज्जा पर भी पूरा जोर लगाया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लाल चौक के घंटा घर (clock tower) के आसपास के इलाके का ऐसा सौंदर्यीकरण हुआ है कि अब यहां की सूरत और सेहत पूरी तरह से बदल चुकी है।
आर्टिकल 370 हटने के बाद बीजेपी ने ही आयोजित की पहली रैली
आर्टिकल 370 हटने के बाद बीजेपी ने ही सबसे पहले इस इलाके में रैली आयोजित की और यहां धूमधाम से तिरंगा फहराया गया। बाद में कांग्रेस के राहुल गांधी की भी इच्छा जागी और उन्होंने भी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान यहां पर तिरंगा लहराया।
1990 के दशक में भी भाजपा नेता ने फहराया था तिरंगा
लाल चौक वही जगह है, जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने आतंकवाद के दौर में भी 1990 के दशक में यहां तिरंगा फहराया था और उस अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ एक सामान्य बीजेपी कार्यकर्ता के तौर पर मौजूद थे।
लाल चौक सीट पर चार दलों के बीच मुकाबला
इस चुनाव में बीजेपी ने एजाज हुसैन को उतारा है, जो श्रीनगर के ही रहने वाले हैं। वह पहले डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट काउंसिल का चुनाव भी जीत चुके हैं। वहीं नेशनल कांफ्रेंस ने शेख अहसन उर्फ अनसन परदेशी को मौका दिया है। पीडीपी से जुहैब यूसुफ मीर मैदान में हैं। दिलचस्प बात ये है कि इस सीट से अपनी पार्टी की ओर से दिग्गज नेता मुहम्मद अशरफ मीर मैदान में हैं, जो 2014 में सोनवार सीट से एनसी नेता उमर अब्दुला को धूल चटा चुके हैं।
'बीजेपी ही जमीन पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है'
बीजेपी उम्मीदवार एजाज ने ईटी से बातचीत में बताया है कि 'हम चाहते हैं कि लोग हमें एक मौका दें। मैं इसी मिट्टी का बेटा हूं और यहां के लोगों के लिए काम भी किया है। बीजेपी ही ऐसी पार्टी है, जो जमीन पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है।'
अपनी पार्टी ने भी उतारा है दमदार प्रत्याशी
वहीं अपनी पार्टी के अशरफ मीर कहते हैं कि 'लाल चौक किसी की जागीर नहीं है....'। उन्होंने अपनी एक रैली में दावा किया, 'मैं युवाओं पर ध्यान देना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि वे भर्ती में धांधली और घोटालों के शिकार न हों।' मीर श्रीनगर लोकसभा से भी चुनाव मैदान में थे और तीसरे स्थान पर रहकर भी करीब 66,000 वोट जुटा लिए थे।
वहीं पीडीपी प्रत्याशी मीर मतदाताओं से कहते सुने जा रहे हैं कि 'मैं लोगों की सेवा के लिए राजनीति में हूं। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि जम्मू-कश्मीर विरोधी ताकतें यहां न जीतें और हमारा मसला सम्मान के साथ शांति सुनिश्चित करना है।'












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