रोहिंग्याओं की बंद नहीं होगी पानी की आपूर्ति, जम्मू-कश्मीर मंत्री जावेद राणा ने कहा
Jammu Kashmir News: जम्मू कश्मीर में रोहिंग्या घुसपैठियों पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 400 परिवारों के बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए थे। रोहिंग्या मुसलमानों के जम्मू में चल इस अभियान के बीच, जम्मू-कश्मीर के जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा का शनिवार 7 दिसंबर को बड़ा बयान सामने आया है।
जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा, 'रोहिंग्या बस्तियों में पानी की आपूर्ति तब तक जारी रहेगी, जब तक केंद्र सरकार उनके निर्वासन पर फैसला नहीं ले लेती।' पीटीआई की खबर के मुताबिक, उनका यह बयान जम्मू के नरवाल इलाके में रह रहे रोहिंग्याओं के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रशासन ने हाल ही में उनकी बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी है।

जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'सरकार सभी मनुष्यों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है। हम मानवीय आधार पर उन्हें (रोहिंग्याओं को) पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, जब तक कि भारत सरकार उनके मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं ले लेती।'
इस दौरान उन्होंने कहा कि वह रोहिंग्या मुसलमानों की बस्ती में कनेक्शन काटे जाने के मुद्दे को अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। कहा कि किसी को भी पानी देना बंद नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सभी जीवों की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने प्रशासन द्वारा रोहिंग्याओं के कुछ भूखंडों में कथित रूप से पानी की आपूर्ति बंद करने पर आश्चर्य भी जताया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 13,700 से अधिक विदेशी, जिनमें से अधिकांश रोहिंग्या (म्यांमार से अवैध अप्रवासी) और बांग्लादेशी नागरिक हैं, जम्मू और जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों में बसे हुए हैं, जहां 2008 और 2016 के बीच उनकी जनसंख्या में 6,000 से अधिक की वृद्धि हुई है।
मार्च 2021 में पुलिस ने सत्यापन अभियान के दौरान जम्मू शहर में अवैध रूप से रह रहे महिलाओं और बच्चों सहित 270 से अधिक रोहिंग्याओं को पाया और उन्हें कठुआ उप-जेल के अंदर एक होल्डिंग सेंटर में रखा था। 25 नवंबर को दक्षिण जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा का बयान भी सामने आया था।
उन्होंने कहा था कि पुलिस को सूचना दिए बिना रोहिंग्याओं और अन्य अवैध प्रवासियों को अपनी संपत्ति किराए पर देने वाले मकान मालिकों के खिलाफ एक बड़े अभियान में कुल 18 एफआईआर दर्ज की गईं। शर्मा ने कहा कि नागरिक प्रशासन ने उन लोगों की पहचान करने के लिए एक अभियान भी शुरू किया है।
जिन्होंने रोहिंग्याओं के आवास वाले भूखंडों में बिजली और पानी के कनेक्शन की सुविधा प्रदान की थी। नरवाल की एक झुग्गी बस्ती में रहने वाले रोहिंग्या आमिर हुसैन ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले सप्ताह तीन प्लॉटों की पानी और बिजली की आपूर्ति बंद कर दी है।
उन्होंने कहा कि हम UNHCR (शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त) के साथ पंजीकृत हैं और हमारे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है। हम दयनीय स्थिति में रह रहे हैं और सरकार से अनुरोध करते हैं कि जब तक हमारे देश में सुरक्षा स्थिति में सुधार नहीं हो जाता, तब तक हमें यहां रहने की अनुमति दी जाए।












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