CEC सुशील चंद्रा का बड़ा बयान, जम्मू-कश्मीर में 2022 तक कराए जा सकेंगे चुनाव
नई दिल्ली, 09 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जम्मू-कश्मीर के नेताओं संग हुई सर्वदलीय बैठक के कुछ सप्ताह बाद अब मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा का बड़ा बयान सामने आया है। सीईसी सुशील चंद्रा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलगे वर्ष यानी 2022 तक चुनाव कराया जा सकता है। राज्य में परिसीमन आयोग के चार दिवसीय दौरे के बीच सीईसी सुशील चंद्रा ने यह बयान दिया है। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष 5 मार्च तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और पीओके के हिस्से की 24 सीटें खाली रहेंगी।

सीईसी सुशील चंद्रा ने आगे कहा कि परिसीमन प्रक्रिया एक जटिल प्रक्रिया जिसकी शुरुआत 1981 में की गई थी। इसके 14 साल बाद जनगणना के आधार पर 1995 में परिसीमन आयोग ने अपनी सिफारिश प्रस्तुत की थी। इसके बाद से अब 16 साल बाद फिर से इस प्रक्रिया का निर्वाह किया जा रहा है। साल 1995 में जम्मू-कश्मीर में 12 जिले थे, यह संख्या बढ़कर अब 20 हो गई है। वहीं, तहसीलों की संख्या 58 से बढ़कर 270 हो गई है। सुशील चंद्रा ने बताया कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 और सीटें बढ़ेंगी जिसे विधानसभा से जोड़ने की पूरी प्रक्रिया जारी है।
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बतौर सुशील चंद्रा परिसीमन प्रक्रिया के बाद जम्मू कश्मीर विधानसभा में कुल सीटें 83 से बढ़कर 90 सीटें हो जाएगी। अगले साल मार्च, 2022 तक यह पूरा प्रोसेस कंप्लीट हो जाएगा। इस बार 2011 की जनगणना के आधार पर जम्मू-कश्मीर में परिसीमन किया जा रहा है। परिसीमन आयोग के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे सुशील चंद्रा ने आगे कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों में जिलों के साथ-साथ तहसीलें भी एक दूसरे से मिली हुई हैं। यह इश ओर इशारा है कि ऐसी विसंगतियों के कारण जनता को असुविधा का सामना करना पड़ता है। सभी मांगों और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए एक मसौदा तैयार किया जाएगा और सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा ताकि लोग अपनी राय दे सकें। लोगों की राय देखने के बाद अंतिम मसौदा (परिसीमन पर) तैयार किया जाएगा।












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