जम्मू कश्मीर में श्रमिकों पर लगातार हो रहे हमले, एक हफ्ते में तीसरी घटना में यूपी का मजदूर घायल

Jammu and Kashmir कश्मीर में गैर-स्थानीय श्रमिकों को लक्षित कर किए जा रहे हमलों की कड़ी में उत्तर प्रदेश के बिजनौर का मजदूर शुभम कुमार तीसरे हमले का शिकार बन गया। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के बटागुंड गांव में कुमार पर हमला हुआ l जिसमें उनके हाथ में गोली लगी। गंभीर स्थिति में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना गंदरबाल और शोपियां में पहले हुए हमलों के बाद हुई। जो बाहरी श्रमिकों के खिलाफ़ हो रही हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है।

गंदरबाल में निर्मम हत्या और अन्य हमलों से बढ़ी चिंता

20 अक्टूबर को गंदरबाल जिले में हुई एक घटना ने इस हिंसा के दौर को शुरू किया था। जब छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर को निर्ममता से मार दिया गया। हमलावरों ने अमेरिका में बनी एम4 कार्बाइन और एके-47 से लैस होकर निर्माण स्थल पर हमले को अंजाम दिया। जो 9 जून को रियासी में हुए हमले के बाद से नागरिकों पर सबसे घातक हमला था।

jammu kashmir

18 अक्टूबर को शोपियां जिले में भी एक मजदूर की हत्या हुई। जहां बिहार के अशोक कुमार चव्हाण को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। यह घटना कश्मीर घाटी में नई सरकार के गठन के बाद पहली लक्षित हत्या थी। जो घाटी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों को चुनौती देती है।

गैर-स्थानीय श्रमिकों के बीच फैली दहशत

इन लगातार हो रही घटनाओं ने कश्मीर में काम कर रहे गैर-स्थानीय श्रमिकों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। श्रमिक राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यह हिंसक घटनाएं कश्मीर की नाजुक सुरक्षा स्थिति और आतंकवाद के खतरों की गंभीरता को उजागर करती हैं।

सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर, सुरक्षा उपायों की समीक्षा

इन हमलों के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और श्रमिकों के आवासों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस प्रकार के हमलों को रोकने और सभी श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कश्मीर में शांति और स्थिरता की ओर संघर्ष

हालिया हमलों ने कश्मीर में सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती को एक बार फिर रेखांकित किया है। आतंकवाद के खिलाफ स्थानीय और गैर-स्थानीय समुदाय एकजुट हैं । कश्मीर में शांति बहाल करने की दिशा में अपनी उम्मीद बनाए हुए हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+