Rabies: पागल कुत्ते ने बच्ची को काटा, मौत से पहले मासूम ने 50 लोगों को काटा, इलाके में दहशत
उत्तर प्रदेश के जालौन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पागल कुत्ते के काटने से ढाई साल की बच्ची की इलाज के दौरान झांसी में मौत हो गई। लेकिन इस बच्ची की मौत से अचानक पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। दरअसल, बच्ची ने आखिरी सांस लेने से पहले गाँव के ही लगभग 50 से ज्यादा लोगों को काट लिया था। ये लोग अब सीएचसी कोंच में एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवा रहे हैं। इस घटना को लेकर गांव में दहशत है।
रेबीज से बच्ची की मौत
बता दें कि जालौन की तहसील कोंच के ब्लॉक नदीगांव अंतर्गत ग्राम क्योलारी के रहने वाले गोलू कुशवाहा की ढाई साल की बेटी काव्या चार दिन पहले अपने मामा के घर गांव हिड़ोखरा गई थी। वहां उसे घर के बाहर खेलते समय एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। जिसके बाद वह अपने घर क्योलारी आ गई। जानकारी अनुसार कूटे के काटने के एक दो दिन बाद ही उस बच्ची में कुत्ते जैसे लक्षण उभरने लगे। इस दौरान उसने गाँव के लगभग 50 से ज्यादा लोगों को काट लिया।

बच्ची ने गाँव के 50 से ज्यादा लोगों को काटा
उधर, बच्ची के परिजन उसे इलाज के लिए उरई ले गए। जहां से उसे गंभीर हालत में झांसी के लिए रेफर कर दिया गया। 22 जुलाई को परिजन झांसी के मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन बच्ची की मौत हो गई। इधर, बच्ची के मरने की खबर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अब जिन भी लोगों को बच्ची ने काटा है, वे सीएचसी कोंच में एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। बताया गया है कि पागल कुत्ते की भी मौत हो चुकी है। हिड़ोखरा गांव में भी तमाम लोग बच्ची के काटे के शिकार हैं।

अस्पताल के बाहर इंजेक्शन लगवाने के लिए लगी लाइन
वहीं एसीएमओ डॉक्टर एसडी चैधरी का कहना है कि रेबीज इन्फेक्शन कुत्ता, बंदर, सियार जैसे जानवरों के काटने से ही फैलता है। किसी मनुष्य के काटने से रेबीज नहीं फैलता है। लोग अपनी सहूलियत के लिए इंजेक्शन लगवा रहे हैं। वहीं लोगों का कहना है कि कोंच कस्बे में हर गली कूचे में आवारा कुत्तों का आतंक व्याप्त है। कुत्तों के झुंड गलियों में जगह-जगह देखे जा सकते हैं। यह कुत्ते निकलने वाले राहगीरों पर हमला कर देते हैं। कुत्तों के काटने की घटना अक्सर होती रहती है। रात बिरात आवारा कुत्ते अनजान राहगीर को देखकर घेर लेते हैं।












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