राजस्थान में सचिन पायलट का जन्मदिन के बहाने दो दिन का 'शक्ति प्रदर्शन', जानिए इसके मायने
जयपुर, 7 सितम्बर। राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का मंगलवार को कार्यकर्ता व उनके शुभचिंतक 44वां जन्मदिन मना रहे हैं। पायलट ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर जयपुर स्थित खोले के हनुमानजी मंदिर में पूजा अर्चना की तो वहीं चर्चा हो रही है कि जन्मदिन के बहाने पायलट ने शक्ति प्रदर्शन का बिगुल छेड़ दिया है, जिसका आलाम उनके सिविल लाइन्स स्थित आवास पर देखने को मिला। जहां पर काफी बड़ी तादाद में उनके समर्थक उनके निवास पर पहुंचे। इस दौरान वहां का ट्रैफिक भी डायवर्ट करना पड़ा।

गेट पर अपना मंच तैयार करवाया
वहीं, पायलट ने कार्यकर्ताओं के इस उत्साह को देखते ही अपने निवास के गेट पर अपना मंच तैयार करवाया और गेट पर ही कार्यकर्ताओं द्वारा लाये गये पुष्पगुछ को लिया गया। बता दें कि कांग्रेस आलाकमान की दखल के बाद गहलोत-पायलट खींचतान में शांति तो हुई लेकिन अभी भी मन ही मन में दोनों खेमे में वर्चस्व की जंग जारी है।
आज जन्मदिन के अवसर पर आप सभी ने जयपुर निवास पर पधार कर जो असीम स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद दिया है उससे मैं अभिभूत हूँ।
— Sachin Pilot (@SachinPilot) September 7, 2021
आप सभी का सहृदय आभार। pic.twitter.com/j7AvwTf9yQ
जन्मदिन के बहाने शक्ति प्रदर्शन दिखा रहे
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पायलट अपने जन्मदिन के बहाने शक्ति प्रदर्शन दिखा रहे हैं और राजस्थान में अपनी भूमिका का मैसेज आलाकमान तक पहुंचाने का संदेश देना चाह रहे हैं। फिलहाल पायलट के निवास पर आई इस भीड़ को देखते हुये गहलोत खेमे में भी चर्चा हो रही है।

पायलट समर्थक पौधारोपण अभियान चलाएंगे
बता दें कि प्रदेशभर में पायलट समर्थक पौधारोपण अभियान चलाएंगे। इस अभियान के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में 5 हजार पौधों के हिसाब से पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का टारगेट पूरा किया जाएगा। सचिन पायलट के जन्मदिन पर राजधानी जयपुर से लेकर जिलों में ब्लड डोनेशन सहित कई तरह के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। पायलट ने अपने 44वें जन्मदिन पर 44 किलो का केक काटकर जन्मदिवस मनाया है।
सचिन पायलट मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं
बता दें कि सचिन पायलट मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे राजेश पायलट व रमा पायलट के घर 7 सितम्बर 1977 को सचिन पायलट का जन्म हुआ। राजेश पायलट राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहे। दौसा जिले से कई बार सांसद चुने गए। राजेश पायलट की सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद राजस्थान में उनकी राजनीतिक विरासत सचिन पायलट ने संभाली। सचिन पायलट राजस्थान में दौसा व अजमेर से सांसद रह चुके हैं।
वर्तमान में टोंक से विधायक हैं। पीसीसी चीफ और राजस्थान के उप मुख्यमंत्री भी रहे। अशोक गहलोत व सचिन पायलट गुट के बीच राजनीतिक संकट गहराने पर 14 जुलाई 2020 को सचिन पायलट से पीसीसी चीफ और डिप्टी सीएम पद छीन लिया गया।












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