REET पेपर लीक केस : केदारनाथ में SOG ने आवाज दी, पीछे मुड़कर देखा और पकड़ा गया बत्तीलाल मीणा
जयपुर, 11 अक्टूबर। राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी रीट 2021 का पेपर लीक प्रकरण का मास्टरमाइंड बत्तीलाल मीणा आखिर पकड़ा गया। 26 सितम्बर को रीट परीक्षा 2021 के 14 दिन बाद बत्तीलाल मीणा की उत्तराखंड के केदारनाथ से गिरफ़्तारी हुई है।

गौरीकुंड के दर्शन करके लौट रहा था बत्ती लाल मीणा
वादियों में फरारी काट रहा बत्तीलाल मीणा केदारनाथ मीणा गौरीकुंड के दर्शन करके लौट रहा था। इसी दौरान वहां स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप राजस्थान (एसओजी) की टीम भी इसकी तलाश में पहुंची हुई थी। एसओजी ने बत्तीलाल मीणा को देखकर पीछे से आवाज लगाई-बत्तीलाल। अपना नाम सुनते ही वह पीछे मुड़कर देखा तो एसओजी ने उसे पकड़ लिया।

एसओजी दो दिन से कर रही थी पीछा
बता दें कि रीट पेपर लीक प्रकरण के मुख्य आरोपी बत्तीलाल मीणा के साथी शिवा को भी केदारनाथ से ही पकड़ा गया है। एसओजी की टीम दो दिन से उत्तराखंड में उनके पीछे लगी हुई थी। रविवार दोपहर को इंस्पेक्टर मोहन पोसवाल के नेतृत्व में टीम ने दोनों को गिरफ़्तार करने में सफलता हाथ लगी। टीम दोनों को जयपुर ले आई है।

जयपुर में पूछताछ होगी बत्ती से
अब एसओजी को जयपुर में बत्तीलाल व शिवा से पूछताछ में रीट पेपर लीक को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। सवाईमाधोपुर के गंगापुरसिटी में पुलिस कांस्टेबल के पास रीट परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले पेपर कहां से व कैसे लीक किया गया।

कौन है बत्तीलाल मीणा?
बता दें कि बत्तीलाल सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा के पास एचेर का रहने वाला है। साथी शिवा सवाई माधोपुर के चाकेरी निवासी है। शिवा ने बीटेक तक की पढ़ाई कर रखी है। जयपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।

अब तक 16 आरोपी पकड़े गए
मीडिया से बातचीत में एसओजी एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि 26 सितम्बर को रीट पेपर के दिन जब एसओजी और सवाई मोधापुर पुलिस ने पेपर लीक करने वाले कांस्टेबलों को पकड़ा तो इसकी सूचना बत्तीलाल को मिल गई थी। इसके बाद से बत्तीलाल ने मोबाइल बंद कर लिया और फरार हो गया था। पूरे मामले में मास्टरमाइंड बत्तीलाल के अलावा 16 अन्य आरोपी भी पकड़े जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश व दिल्ली में काटी फरारी
रीट पेपर लीक करवाने के बाद मास्टरमाइंड बत्तीलाल साथी शिवा के साथ मध्य प्रदेश चला गया था। वहां कुछ दिन अपने परिचितों के साथ रहा। फिर दिल्ली चला गया। वहां से हरिद्वार में रहा। पूजापाठ की। फिर ऋषिकेश चला गया। ऋषिकेश से केदारनाथ आ गया।

बत्तीलाल कैसे आया पकड़ में?
बता दें कि केदारनाथ के गौरीकुंड पर रजिस्ट्रेशन में बत्तीलाल ने खुद का नाम पता सही लिखा था। जब रजिस्ट्रेशन के बाद गौरीकुंड से केदारनाथ की चढ़ाई करने चला गया तब एससओजी टीम पहुंची और रजिस्ट्रेशन कैंपस में जाकर पूरी जानकारी ली। इससे कन्फर्म हो गया कि बत्ती यहीं है। जैसे ही बत्ती दर्शन करके लौटा तो एसओजी टीम ने उसे पकड़ लिया।












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