'बिन पैंदे का लोटा' के बयान पर राजेंद्र गुढ़ा के बेटे शिवम ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह को दिया ये चैलेंज
राजस्थान सरकार में गृह रक्षा व नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री व उदयपुरवाटी विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा बिन पैंदे का लोटा कहे जाने के मामले में अब गुढ़ा के बेटे शिवम की भी एंट्री हो गई है। शिवम सिंह गुढ़ा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर गजेंद्र सिंह शेखावत न केवल पलटवार किया है बल्कि उन्हें खुला चैलेंज भी दिया है। शिवम ने यहां तक कह दिया कि गजेंद्र सिंह शेखावत को मुझ 17 साल के 12वीं कक्षा के स्टूडेंट को ज्ञान देना पड़ा है। ऐसे में 55 वर्षीय शेखावत की इतने साल की राजनीति बेकार है।

शिवम गुढ़ा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा
बता दें कि शिवम गुढ़ा ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर 19 अक्टूबर को बाबोसा, 'खाती को छोलेड़ो और भाई को बोलेड़ो, आल्ला में बास्ते लगादे' कैप्शन के साथ आठ मिनट का एक वीडियो पोस्ट किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिवम सिंह गुढ़ा के इसी वीडियो को 19 हजार लोगों ने लाइक किया है। 11 सौ से ज्यादा लोगों ने इस पर कमेंट किया है। 549 ने इस वीडियो को शेयर किया है।

शिवम गुढ़ा ने वीडियो में क्या कहा? सुनिए उसी की जुबानी
राजेंद्र सिंह गुढ़ा के बेटे शिवम ने वीडियो में कहा कि बाबोसा, गजेंद्र सिंह शेखावत जी जब आपके सामने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत चुनाव लड़ रहे थे। जिस समय राजस्थान के सभी मंत्रियों ने जोधपुर में चुनाव प्रचार के लिए लाइन लगा रखी थी और राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कहने पर तथा राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 में वैभव गहलोत खुद हमारे लिए चुनाव प्रचार करने आने के बावजूद इन सबको नजर अंदाज करके हम चुनाव प्रचार करने जोधपुर नहीं गए। अलवर से भंवर जितेंद्र सिंह जोधपुर गए थे। जब मैंने पापा से पूछा कि वे जोधपुर चुनाव प्रचार के लिए क्यों नहीं जा रहे तब मुझे जवाब मिला कि गुढ़ागौड़जी व गुढ़ा महरौली का एक परिवार है। हम राव शेखाजी के वंशज हैं और गजेंद्र सिंह शेखावत मेरे बाबोसा लगते हैं। तब मेरे दिल सम्मान बढ़ गया था।

बिना पैंदे के लोटे आपने जाट महासभा को खुश करने के लिए कहा
जब मुझे पता चला कि आपने पापा के लिए कहा कि ये बिना पैंदे के लोटे हैं। आपने जाट महासभा को खुश करने के लिए ऐसा कहा। एक बार आप उनसे पूछिए कि वे सुमित्रा सिंह को भी बिना पैंदे का लोटा कह देंगे क्या? सुमित्रा सिंह जी के बारे में आपको थोड़ा बताना चाह रहा हूं। आप शेखावाटी में पैदा तो हुए हैं, मगर आपको यहां की राजनीति का भूगोल पता नहीं मेरे ख्याल से। सुमित्रा सिंह कांग्रेस, जनता दल, लोक दल व भाजपा से एमएलए बनती रही हैं। भैरोंसिंह शेखावत की सरकार में मंत्री भी बनीं। 2003 में भाजपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष बनीं। समय वापस बदला तो दुबारा कांग्रेस में चली गईं।

शेखावाटी में ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं
जाने माने किसान नेता शीशराम ओला कांग्रेस सरकार में कई बार मंत्री रहे। फिर कांग्रेस का थामन छोड़ तिवाड़ी कांग्रेस में गए। देवगौड़ा की सरकार में केंद्रीय मंत्री बने। झुंझुनूं से सांसद भी रहे और मूल कांग्रेस में वापसी भी। मनमोहन सरकार में मंत्री रहे। ऐसे 20 उदाहरण में आपको सीकर के दे सकता हूं। शेखावाटी में ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं।

आपने जिंदगी के ये 55 साल व्यर्थ गवां दिए
मैं आपको बताना चाह रहा हूं कि जब मैं आपके बारे में जानकारी कर रहा था तब मुझे पता चला बाबोसा कि आप 1967 में हुआ। आप 55 साल के हैं, आपने जिंदगी के ये 55 साल व्यर्थ गवां दिए। मैं एक 17 साल का लड़का, 12वीं क्लास में पढ़ने वाला लड़का आपको यह राजनीतिक ज्ञान दे रहा हूं। आप शेखावाटी के बेटे हैं। आप दो बार के सांसद और केंद्रीय मंत्री को मुझे ज्ञान देना पड़ रहा तो आपकी इतने साल की राजनीति बेकार है।

गजेंद्र सिंह भी कोई सांसद हुआ करते थे
आप दो बार के सांसद हो। केंद्र में मंत्री हो। आपको मुझे ज्ञान देना पड़ रहा है। मैं आपको यह बताना चाह रहा हूं कि आप लोकसभा सीट जोधपुर से जीतकर आते हैं, वहां पांच लाख वोट राजपूत समाज के हैं। जिस दिन कोई राजपूत कैंडिडेट आपके सामने लोकसभा चुनाव में खड़ा हो गया। राजनीति करने वाले लोग आपको ढूंढते रह जांएगे कि गजेंद्र सिंह भी कोई सांसद हुआ करते थे।

उदयपुरवाटी से हमारे सामने चुनाव लड़कर दिखाएं, हार गए तो राजनीति छोड़ देंगे
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2008 की बात है, मेरे पिता के सामने कांग्रेस की टिकट राजपूत कैंडिडेट को दी गई थी। उस समय देश की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील तीन बार हैलिकॉप्टर से आकर उनका प्रचार करके गई थीं। उस चुनाव को हमने जीता था। उदयपुरवाटी से हमारे सामने चुनाव लड़कर दिखाएं, हार गए तो राजनीति छोड़ देंगे।
आप सीएम की दौड़ में हैं
शिवम ने कहा कि मैं सुनता हूं, आप सीएम की दौड़ में हैं। मेरे पिता तो सीएम की दौड़ में नहीं हैं। आपके और हमारे तो कोई लड़ाई नहीं थी। मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ना पड़ता है। आपको खुला निमंत्रण है बाबोसा। आप शेखावाटी की 21 में से 18 जनरल सीट में से कहीं से चुनाव लड़कर बताओ। मजा तो तब आएगा जब आप हमारे सामने चुनाव लड़ो। अगर हम हार गए तो सदा के लिए राजनीति छोड़ देंगे।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को लेकर कई विवादित बयान दिए
बता दें कि हाल ही राजस्थान कांग्रेस सियासी संकट में राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को लेकर कई विवादित बयान दिए थे। अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंत्री गढ़ा की तुलना भरतपुर के बिन पेंदे लोटे से कर डाली। शेखावत ने कहा कि गुढ़ा कब किस के पास चले जाएं पता नहीं है। उनका तो भगवान ही मालिक है।












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