Rajasthan: राजेंद्र राठौड़ व गोविंद डोटासरा के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग, जानें झगड़े की असली वजह
Rajendra Rathod vs Govind singh Dotasara Twitter War: राजस्थान में भाजपा के दिग्गज नेता राजेंद्र राठौड़ व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर जंग छिड़ी हुई है।
तारानगर से चुनाव हार चुके राजेंद्र राठौड़ व लक्ष्मणगढ़ से एक बार फिर विधायक बने गोविंद सिंह डोटासरा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ शायराना अंदाज में भी एक-दूसरे पर तीखे हमले हो रहे हैं।

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जोधपुर में गुरुवार को मीडिया से बातचीत में राजेंद्र राठौड़ ने आम बजट 2024, राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार व RRCP समेत कई मुद्दों पर बातचीत की अैर अंत में शायराना अंदाज कहा कि 'जहां मैं आज हूं वहां कल कोई और होगा, यह भी एक दौर था वह भी एक दौर था।'
इससे पहले गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर गोविंद सिंह डोटासरा का नाम लिए बिना राजेंद्र राठौड़ ने लिखा कि 'युवा आज भी पूछ रहे हैं-एक ही परिवार से 4-4 आरएएस बनना संयोग था या प्रयोग?'
दरअसल, यह गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज था, क्योंकि अशोक गहलोत सरकार के समय राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में पास होने वालों में गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार से चार सदस्य भी शामिल थे।
राजेंद्र राठौड़ की बात का गोंविद सिंह डोटासरा ने भी सोशल मीडिया पर जवाब दिया और लिखा कि 'हमारे यहां बच्चों को मेहनत करने और पढ़ने की शिक्षा दी जाती है, टोल, बजरी और शराब के धंधे की नहीं '
राजेंद्र राठौड़ ने लिखा
'इतना भी गुमान ना कर अपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरी जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं। सीकर वाले नेताजी, इतना भी अहंकार ठीक नहीं है। हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू है। अभी एक परीक्षा और बाकी है। युवा आज भी पूछ रहे हैं-एक ही परिवार से 4-4 आरएएस बनना संयोग था या प्रयोग? युवाओं के सपनों के सौदागरों को माफ नहीं किया जाएगा। जवाब तो देना ही पड़ेगा।'
गोविंद सिंह डोटासरा का पलटवार
'गलतफहमी ना पाल, ये जनता का पर्चा है। तेरे सिर्फ़ टोल, बजरी, भूमाफिया होने की चर्चा है। काश... अवैध अड्डों से इतर तारानगर वाले नेताजी की जनता में भी चर्चा रहती तो जवाब सदन में मिलता। और हां...अहंकार नहीं, स्वाभिमान है! हमारे यहां बच्चों को मेहनत करने और पढ़ने की शिक्षा दी जाती है, टोल, बजरी और शराब के धंधे की नहीं। अगली परीक्षा के लिए शुभकामनाएं।'
डोटासरा-राठौड़ का झगड़ा क्या है
बता दें कि राजेंद राठौड़ व गोविंद सिंह डोटासरा दोनों ही भाजपा-कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। राजेंद्र राठौड़ राजपूत तो गोविंद सिंह डोटासरा जाट समाज से हैं। दोनों के बीच पार्टी विचारधारा की लड़ाई लंबे समय से चली आ रही थी, जो अब पर्सनली भी हो गई।
राजेंद्र राठौड़ चूरू व तारानगर से सात बार विधायक हैं। आठवीं बार में साल 2023 में चुनाव में हार गए। राठौड़ वसुंधरा राजे सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष भी रहे। वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा चौथी बार विधायक हैं। पीसीसी चीफ भी हैं।












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