राजस्थान: राजेंद्र राठौड़ नेता प्रतिपक्ष और सतीश पूनिया बन सकते हैं उपनेता प्रतिपक्ष, अहम बैठकों का दौर शुरू
राजस्थान में भाजपा के नए अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जयपुर में शुक्रवार शाम भाजपा नेताओं और संघ प्रचारकों की अहम बैठक हुई। बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।

राजस्थान में भाजपा के नए अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही बैठकों का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश में रविवार में भाजपा मुख्यालय में पार्टी की मैराथन बैठकें होने वाली है। चर्चा है कि बैठक के दौरान भाजपा नेता प्रतिपक्ष का चयन भी कर लेगी। माना जा रहा है कि पार्टी नेता प्रतिपक्ष के लिए राजेंद्र राठौड़ का चयन कर सकती है। इसी के साथ पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को उपनेता प्रतिपक्ष के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है। जयपुर में सेवा सदन में शुक्रवार शाम भाजपा पदाधिकारियों और संघ के प्रचारकों की अहम बैठक हुई। बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, संघ के प्रांत प्रचारक बाबूलाल, क्षेत्र प्रचारक निंबाराम जैसे दिग्गज मौजूद रहे। हालांकि इस बैठक की चर्चा को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। माना जा रहा है कि बैठक में कई अहम फैसले किए गए हैं।

राजेंद्र राठौड़ बन सकते हैं नेता प्रतिपक्ष
भाजपा में राजेंद्र राठौड़ प्रदेश के दिग्गज नेता हैं राठौड़ सातवीं बार विधायक हैं। विधानसभा में उनकी पार्टी के विधायकों पर अच्छी पकड़ मानी जाती है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव के आधार पर पार्टी उन्हें नेता प्रतिपक्ष चुन सकती है। वहीं पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया अहम पद पर रह चुके हैं। ऐसे में पार्टी को उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देनी होगी। चर्चा है कि पार्टी सतीश पूनिया को विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष बना सकती है। सतीश पूनिया का कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी ने सीपी जोशी को उनकी जगह नया अध्यक्ष बनाया है।

वसुंधरा राजे की क्या रहेगी भूमिका
प्रदेश में भाजपा के भीतर अहम पदों पर नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जाने के लिए रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। ऐसे में पार्टी के सामने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भूमिका को लेकर भी बड़ी चुनौती है। विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी चाहती है कि वसुंधरा राजे की भूमिका से भी फायदा हो। ऐसे में वसुंधरा राजे की भाजपा के भीतर भूमिका को लेकर भी सवाल उठना शुरू हो गए हैं। चर्चा है कि पार्टी उन्हें चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष के तौर पर प्रदेश में बड़ी भूमिका में ला सकती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी राज्य के लिए नए चेहरे हैं। संगठन को लेकर अभी वे उतने प्रभावशाली नहीं है। ऐसे में पार्टी वसुंधरा राजे को भूमिका में लाकर पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेगी।

कैलाश मेघवाल के नेता प्रतिपक्ष बनने की भी चर्चा
राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी राजेंद्र राठौड़ को उनके अनुभव के आधार पर नेता प्रतिपक्ष के तौर पर नियुक्त कर सकती है। लेकिन पार्टी प्रदेश में दलित समुदाय को भी साधना चाहती है। ऐसे में माना जा रहा है कि शाहपुरा विधायक कैलाश मेघवाल को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया जा सकता है।

सीएम गहलोत का बढ़ता ग्राफ भाजपा के लिए चुनौती
प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सीएम अशोक गहलोत पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। सीएम गहलोत अपनी बजट घोषणाओं और जन कल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रदेश की जनता के बीच गहरी पैठ बना चुके हैं। उनकी लोकप्रियता भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में भाजपा के सामने कांग्रेस ही नहीं अशोक गहलोत भी बड़ी चुनौती बन कर उभरेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एक सूत्र में आकर गहलोत से मुकाबला करना होगा।












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