Rajasthan News: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया राजपूत समाज के मुख्यमंत्री का इशारा, वीडियो वायरल
Rajasthan News: राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान में राजपूत समाज का मुख्यमंत्री बनाने की ओर इशारा किया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो सवाई माधोपुर का बताया जा रहा है। इस वीडियो में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया की मौजूदगी में पार्टी नेताओं से ईआरसीपी के मसले पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत प्रदेश में राजेंद्र राठौड़ की सरकार बनाने की बात कह रहे हैं। शेखावत ने नेताओं से कहा कि ईआरसीपी के लिए 46 हजार करोड़ भी दे दूंगा तुम राजेंद्र सिंह जी का राज बना दो। आपको बता दें प्रदेश में पिछले लंबे समय से राजपूत समाज का मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठ रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत खुद मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं।
राजपूत समाज ने किया शेखावत और राठौड़ समर्थन
पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर दौरे के दौरान क्षत्रिय युवक संघ के प्रमुख भगवान सिंह रोलसाहबसर के विरूद्ध संजीवनी घोटाले को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद से राजपूत समाज में नाराजगी पैदा हो गई थी। राजनीति के जानकार बताते हैं कि इस मामले को लेकर प्रताप फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अधिकृत पत्र लिखकर इसे अपमानजनक बताते हुए नाराजगी जाहिर की थी। इस पत्र में प्रताप फाउंडेशन ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का संजीवनी मामले में पूरा पक्ष रखते हुए शेखावत और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को समाज का नेता बताते हुए उनका खुलकर समर्थन किया था। इस पत्र में प्रताप फाउंडेशन ने पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत के खिलाफ भी इस तरह का माहौल बनाए जाने का जिक्र किया था। राजनीतिक गलियारों में इस पत्र को लेकर काफी चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि राजपूत समाज पूरी तरह लामबंद होकर अपने नेताओं के पक्ष में आ चुका है।

देवी सिंह भाटी है राजपूत समाज के सर्वमान्य नेता
Recommended Video
राजस्थान में बीकानेर से आने वाले पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी राजपूत समाज के सर्वमान्य नेता माने जाते हैं। राजनीति के जानकारों के मुताबिक भले ही राजनीतिक परिस्थितियां कैसी भी रही हो। लेकिन राजपूत समाज का देवी सिंह भाटी को खुला समर्थन रहा है। पिछले दिनों भाटी की भाजपा में वापसी की चर्चा भी थी। लेकिन पार्टी के कुछ नेता नहीं चाहते हैं कि उनकी पार्टी में वापसी हो। ऐसे में उनकी पार्टी में सम्मानजनक वापसी नहीं हो पा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की देवदर्शन यात्रा जब बीकानेर में हुई तब भाटी के आह्वान पर जबरदस्त भीड़ इकट्ठी हुई थी। भाटी पिछले लंबे समय से पार्टी में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं के दखल से उनकी वापसी अटकी पड़ी है।
भैरों सिंह शेखावत को नहीं मिल पाया था जनादेश
राजनीति के जानकार बताते हैं कि पूरे देश में राम मंदिर मसले को लेकर जब भाजपा को प्रबल समर्थन मिल रहा था। तब देश में भाजपा की प्रचंड लहर थी। उत्तर भारत में अधिकतर राज्यों में भाजपा पूर्ण बहुतमत के साथ सरकार में आई थी। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी। उस दौर में राजस्थान में भैरों सिंह शेखावत को पूर्ण समर्थन नहीं मिला था। राजनीति के जानकार इसे प्रदेश में जाटों और राजपूतों के संघर्ष से जोड़कर देखते हैं। उनका मानना है कि राजस्थान में भैरों सिंह शेखावत के राजपूत होने की वजह से जाटों और दलितों ने उनको समर्थन नहीं दिया था। इस वजह से शेखावत सपष्ट बहुमत के साथ सरकार में काबिज नहीं हो पाए।
राजनीतिक दलों में राजपूत नेताओं की स्थिति
राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य में राजपूत नेताओं का अच्छा खासा प्रभाव रहा है। भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, राजसमंद सांसद दिया कुमारी जैसे प्रभावशाली नेता मौजूद हैं। वहीं कांग्रेस में मौजूदा सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, भंवर सिंह भाटी, पूर्व मंत्री केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और पूर्व मंत्री भरत सिंह जैसे दिग्गज नेता हैं। जानकार बताते हैं कि सांगोद विधायक भरत सिंह अक्सर अपनी ही पार्टी से खफा रहते हैं। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अक्सर पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराते रहते हैं। उन्होंने कई बार सरकार की कार्यशैली को लेकर सीएम गहलोत को अपना इस्तीफा भी दिया है। लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। राजनीति के जानकार कहते हैं कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत यह बयान देकर मुख्यमंत्री पद को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सियासी गलियारों में उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।












Click it and Unblock the Notifications