सीएम बनने की कामना लेकर ईष्ट की शरण मे पहुंचे गुजरात प्रभारी रघु शर्मा, तंत्र मंत्र के लिए मशहूर है ये स्थान
जयपुर, 1 अक्टूबर। राजस्थान में मुख्यमंत्री बदले जाने की संभावनाओं के बीच तमाम नेताओं ने मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने-अपने जतन शुरू कर दिए है। इसी बीच गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने की मनोकामना लेकर मालपुरा के पास जयसिंहपुरा हनुमान जी के मंदिर पहुंचे। शर्मा ने यहां तकरीबन पाँच घंटे तक पूजा-पाठ किया और अपने ईष्ट को मनाया। इससे पहले भी रघु शर्मा यहां पूजा पाठ कर चुके हैं। हालांकि रघु शर्मा की अपने ही विधानसभा क्षेत्र केकड़ी में हालत खराब है। लेकिन रघु शर्मा मुख्यमंत्री की दौड़ में बने रहने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस राजस्थान में किसी ब्राह्मण चेहरे पर दांव खेल सकती है। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की उम्र उनकी इस दौड़ में बाधा बन रही है। पिछले दिनों राजस्थान के सियासी घटनाक्रम के ठीक पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तनोट माता के दर्शन करके लौटे थे।


रघु शर्मा के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह
राजस्थान के मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने से गुजरात प्रभारी रघु शर्मा के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है। शर्मा के समर्थकों ने तो उनके मुख्यमंत्री बनने को लेकर सट्टा बाजार में पैसा भी लगा दिया है। रघु शर्मा ने कांग्रेस हाईकमान के सामने खुद को बड़े ब्राह्मण चेहरे के तौर पर पेश किया है। उनका तर्क है कि राजस्थान में हरिदेव जोशी के बाद ब्राह्मण चेहरा मुख्यमंत्री नहीं बना है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को भी ब्राह्मण समुदाय प्रभावित करता है। शर्मा का दावा है कि अगर पार्टी उन्हें राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाती है तो उत्तर भारत में इसका असर दिखेगा।

राजनेताओं के संकट मोचक है हनुतिया हनुमान
राजनेताओं पर जब भी कोई संकट आता है तो वे हनुतिया हनुमान जी की शरण में पहुंच जाते है। राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रभारी अविनाश पांडे यहाँ कई बार जा चुके हैं। माना जाता है कि अविनाश पांडे पर जब सियासी संकट आया था। तब रघु शर्मा ही उन्हें वहां लेकर गए थे। पांडे उस वक्त सियासी संकट से उभर गए थे। इसके बाद रघु शर्मा सहित कांग्रेस नेताओं की आस्था और मजबूत हो गई। गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक के करीबी नेता माने जाते हैं। रघु शर्मा का वित्तीय प्रबंधन पार्टी में उन्हें मजबूती देता है। यही वजह है कि कांग्रेस ने उन्हें गुजरात जैसे कमजोर राज्य का चुनाव प्रबंधन सौंपा है।

तनोट माता की शरण में अशोक गहलोत
राजस्थान में पिछले रविवार को हुए सियासी घटनाक्रम से ठीक पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भारत पाक सीमा पर स्थित तनोट माता के दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान काबीना मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास भी उनके साथ ही मौजूद थे। सीएम गहलोत की तनोट यात्रा को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए तनोट माता की शरण में गए थे।












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