OPINION: युवाओं के दम पर विजन 2030 साकार करने की तैयारी, जानिए क्या है अशोक गहलोत की नई युवा नीति
राजस्थान में आमजन को राहत देने के लिए गहलोत सरकार एक से बढ़कर एक फैसले और योजनाएं ला रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के युवाओं को फोकस करने के लिए युवा बोर्ड के गठन के बाद अब नई युवा नीति लाने का फैसला किया है। दरअसल, सीएम अशोक गहलोत अपनी सरकार की सत्ता वापसी में युवाओं की पूरी भागीदारी चाहते हैं। यही वजह है कि चुनाव नजदीक आने के साथ सरकार का युवाओं पर फोकस बढ़ने लगा है। गहलोत सरकार ने प्रदेश में 500 करोड़ का युवा विकास और कल्याण कोष बनाने का निर्णय लिया गया है। राजीव गांधी नेशनल यूथ एक्स्चेंज प्रोग्राम के तहत 10 हजार युवाओं को एक्स्पोजर विजिट का अवसर भी दिया जा रहा है। हाल ही में जयपुर में दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र में आयोजित राज्य स्तरीय युवा महापंचायत युवा संकल्प में सीएम गहलोत ने कहा कि युवा होना एक अद्भुत और महत्वपूर्ण दौर होता है। युवा शब्द सिर्फ एक आयु का ही नहीं बल्कि यह ऊर्जावान होने का भी संकेत है। नवीन युवा नीति से राजस्थान वर्ष 2030 तक देश का अग्रणी राज्य बनेगा। राजनीति के जानकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बयान को प्रदेश के विधानसभास चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।
युवाओं के कल्याण के लिए नई युवा नीति लाएगी सरकार
सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में पिछले साढे़ चार वर्षों में युवाओं के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सरकार युवाओं के कल्याण, उनके रोजगार और कौशल विकास, उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। युवाओं के सुनहरे भविष्य के लिए प्रदेश का बजट युवाओं को समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य में नई युवा नीति शीघ्र ही जारी की जाएगी। साथ ही राज्य में 500 करोड़ का युवा विकास और कल्याण कोष बनाने का फैसला किया गया है। राजीव गांधी नेशनल यूथ एक्स्चेंज प्रोग्राम के तहत 10 हजार युवाओं को एक्स्पोजर विजिट का अवसर दिया जा रहा है। जिला और राज्य स्तर पर युवा महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है।

राजस्थान युवा नीति लाने वाला देश का पहला राज्य
युवा बोर्ड अध्यक्ष सीताराम लांबा का दावा है कि राजस्थान देश का पहला राज्य है। जिसकी अपनी युवा नीति होगी। समारोह के दौरान अध्यक्ष सीताराम लांबा ने सीएम गहलोत को नई युवा नीति को लेकर एक ड्राफ्ट भी सौंपा। लांबा के मुताबिक प्रदेशभर के हजारों युवाओं के साथ संवाद कर उनकी अपेक्षाएं तथा आकांक्षाओं को शामिल कर युवा नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। यह नीति प्रदेश के युवाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, तथा उनके सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है।
युवाओं की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप युवा नीति
प्रदेश की युवा आबादी का खयाल रखते हुए सरकार ने युवाओं के लिए समर्पित नीति बनाने का फैसला किया था। नवीन युवा नीति का ड्राफ्ट यूनाइटेड नेशन्स पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) की तकनीक से युवा बोर्ड द्वारा तैयार किया गया है। यह नीति सतत विकास लक्ष्यों और संविधान में नीहित मौलिक अधिकारों के साथ संरेखित है। इसमें प्रदेश के युवाओं की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को शामिल किया गया है। राजनीति के जानकारों के मुताबिक इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विकास के लिए स्वस्थ, कुशल, सामाजिक रूप से जिम्मेदार, नैतिक रूप से जागरुक, आर्थिक रूप से सशक्त एवं सक्रिय नागरिक बनाने के लिए उचित अवसर और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना है। इस नीति में 18 विशेष समूह शामिल युवा लड़कियां, महिलाएं, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक समुदाय के युवा, शहरी मलिन बस्तियों के युवा, प्रवासी युवा, विकलांग युवा, जोखिम में युवा, मानव तस्करी और हिंसा से प्रभावित युवा, युवा आदि शामिल हैं। ये नीति 5 प्राथमिक विषयों पर कार्य करेगी इसमें शिक्षा, उद्यमिता, रोजगार, स्वास्थ्य एवं खेल, युवा नेतृत्व और विकास व सामाजिक न्याय और जेंडर समानता शामिल है।
पेपर लीक को लेकर सशक्त कानून
सीएम गहलोत ने समारोह में कहा कि प्रदेश सरकार पेपर लीक के प्रकरणों को लेकर गंभीर है। ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई गई है। राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022' लागू कर अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले परीक्षार्थियों, परीक्षा एजेन्सी, कोई भी व्यक्ति, मैनेजमेंट या संस्था के लिए 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, आजीवन कारावास और सम्पत्ति की जब्ती जैसे कठोर प्रावधान किये गए हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने विद्यार्थियों में बढ़ रही आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों से संवाद स्थापित कर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही करियर को लेकर किसी भी प्रकार का मानसिक दबाव नहीं बनाने की सलाह भी दी है। सीएम गहलोत ने कहा कि जरूरत पड़ने पर काउन्सलिंग का सहारा भी लिया जाना चाहिए।आपको बता दें कि कोटा में कोचिंग कर रहे छात्रों के मानसिक अवसाद के चलते आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान अव्वल
राजस्थान में गहलोत सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद दावा करते हैं कि राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल है। सीएम गहलोत के मुताबिक मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में 30 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है। कालीबाई भील और देवनारायण योजना में बालिकाओं को 30 हजार स्कूटियां वितरित की जा रही है। राज्य में युवाओं को अच्छी सुविधा देने हेतु जयपुर में राजीव गांधी यूथ एक्सीलेंस सेंटर का निर्माण हो रहा है। इसमें युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए केरियर मार्गदर्शन, होस्टल आदि की आधुनिक सुविधाएँ मिलेगी। हर जिले में विवेकानन्द यूथ हॉस्टल खोले जा रहे हैं। प्रदेश के 500 होनहार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजा जा रहा है। प्रदेश के अल्प आय वर्ग के युवाओं को दिल्ली में विभिन्न कोचिंग और कैरियर काउन्सलिंग लेकर अपना भविष्य संवारने के लिए दिल्ली स्थित उदयपुर हाउस में 300 करोड़ की लागत से नेहरू यूथ ट्रांजिट हॉस्टल एवं फेसिलिटेशन सेंटर बनाया जा रहा है।












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