राजस्थान में लौट आया Nathi ka Bada, गोविंद डोटासरा के घर के बाहर दीवारों पर लिखा 'नाथी का बाड़ा'
जयपुर, 4 फरवरी। राजस्थान की सियासत में एक बार फिर से 'नाथी का बाड़ा' लौट आया है। इसका ताल्लुक राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से है। पिछले साल गोविंद सिंह डोटासरा की वजह से 'नाथी का बाड़ा' चर्चा में आया था और अब उन्हीं के कारण फिर सुर्खियों में है।

रीट पेपर लीक प्रकरण राजस्थान
दरअसल, अब राजस्थान में रीट पेपर लीक मामले को लेकर जयपुर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन पर लाठियां भांजी गई। इसके बाद विरोध में उतरे भाजयुमो कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा के सिविल लाइंस स्थित घर की दीवारों पर काली स्याही से नाथी का बाड़ा लिख दिया।

सीकर में भी जताया आक्रोश
गोविंद सिंह डोटासरा मूलरूप से सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ के रहने वाले हैं। बुधवार रात को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा के आवास की दीवारों तथा बोर्ड पर काली स्याही से Nathi Ka Bada लिखकर विरोध जताया। इनके खिलाफ उद्योग नगर थाने में संपत्ति विरूपण का भी मुकदमा दर्ज हो गया है।

क्या है नाथी का बाड़ा?
राजस्थान में नाथी का बाड़ा एक प्रचलित कहावत है। जिसका अर्थ होता है कि ऐसी जगह जहां कोई भी किसी भी काम से आ सकता है। उसका काम हो जाता है। पिछले साल अप्रैल में अपनी समस्या को लेकर शिक्षक तत्कालीन शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से मिलने उनके आवास पर ज्ञापन देने गए थे। तब डोटासरा ने शिक्षकों को डांटते हुए कहा था कि उन्होंने उनके घर को नाथी का बाड़ा समझ रखा है क्या?

मामला दर्ज करवाने से इनकार
जयपुर में डोटासरा के आवास के बाहर दीवारों पर नाथी का बाड़ा लिखने की सूचना पाकर पुलिस वहां पहुंची थी। इस पर भाजयुमो कार्यकर्ता गाड़ी में बैठकर भाग गए। प्रकरण में पीसीसी चीफ डोटासरा ने मामला दर्ज कराने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका बंगला सरकारी संपत्ति है। सरकारी संपत्ति की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अगर उन्हें मामला दर्ज कराना है तो वह कराएं।












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