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Jaipur Literature Fest: शशि थरूर ने हार्वर्ड के प्रोफेसर सैंडल की नई किताब पर की चर्चा

जयपुर। दुनिया के सबसे बड़े साहित्य महोत्सव के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2021 का दूसरा सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया है। कोरोना वायरस महामारी के चलते ये फेस्टिवल इस बार वर्चुअल अवतार में हो रहा है। जयपुर लिट फेस्ट के 14वें संस्करण का पहला सत्र 19 फरवरी से 21 फरवरी तक चला था। दुनिया के जाने-माने लेखकर, मानवाधिकार कार्यकर्ता, राजनेता, बिजनेसमैन और मनोरंजन जगत की हस्तियां लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होकर अपने विचार रखती रही हैं।

JLF 2021

हमें आपको ये बताते हुए बेहद हर्ष हो रहा है कि जयपुर लिटलेचर फेस्टिवल 2021 में डेली हंट और वन इंडिया लाइव स्ट्रीमिंग और डिजिटल मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहे हैं।

आज के सत्र में कांग्रेस सांसद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर माइकल सैंडल के साथ रहे जिसमें दोनों ने सैंडल की नई किताब 'द टाइरैनी ऑफ मेरिट: व्हाट्स बी कॉमन गुड' को लेकर चर्चा की। यह किताब वर्तमान समय की ध्रुवीकृत राजनीति के बारे में हैं जो जीतने और हारने वाले लोगों के बीच गहरे विभाजन की खाई को दिखाती है।

प्रोफेसर सैंडल के काम की तारीफ
किताब पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता ने प्रोफेसर माइकल सैंडल की तारीफ करते हुए कहा वह लंबे समय से उनके काम के प्रशंसक हैं।

प्रोफेसर सैंडल ने मेरिट की बहस को एक बिल्कुल ही नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने यह याद दिलाया है कि गुणात्मक नैतिकता केवल इसलिए समस्या नहीं पैदा करती है क्योंकि यह एक असमान समाज में लागू होती है बल्कि इसके मूल अवधारणा में ही खराबी है। जब लोग मेरिट सिस्टम के बारे में शिकायत करते हैं, तो यह शिकायत आम तौर पर आदर्श के बारे में नहीं होती है, बल्कि इस व्यवस्था को जीने में विफलता के बारे में होती है।

हमें विभाजित किया जा रहा- सैंडल
इस चर्चा के दौरान लेखक ने ये सवाल उठाकर भी मेरिट सिस्टम को लेकर संदेह को सामने रखा कि "क्या होगा यदि योग्यता के साथ वास्तविक समस्या यह नहीं है कि हम इसे प्राप्त करने में विफल रहे हैं बल्कि यह आदर्श ही दोषपूर्ण है?"

उन्होंने कहा "हाल के दशकों में, बाजार द्वारा संचालित वैश्वीकरण के चलते विजेताओं और हारे हुए लोगों के बीच का विभाजन और गहरा हो रहा है। हमारी राजनीति में जहर देकर हमें विभाजित किया जा रहा है। बढ़ती असमानता के साथ, दृष्टिकोण में बदलाव आया है। जो लोग शीर्ष पर उतरे हैं, वे मानते हैं कि उनकी सफलता उनकी अपनी है।" यानि इसमें हारे हुए लोगों का कोई स्थान नहीं है।

वर्चुअल अवतार में चल रहा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2021 (JLF) का 14वां संस्करण 19 फरवरी को शुरू हुआ था जो 21 फरवरी तक चला था। इस फेस्टिवल का दूसरा सत्र 26 फरवरी से 28 फरवरी तक फिर से चलने वाला है। लिटरेचर फेस्टिवल में देश विदेश की विभिन्न भाषाओं के वक्ता शामिल होंगे।

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