गहलोत खेमे की चेतावनी-पायलट को CM बनाया तो गिरा देंगे राजस्थान सरकार, मध्यावधि चुनाव लड़ने को भी हैं तैयार
जयपुर, 29 सितम्बर। राजस्थान कांग्रेस संकट 2020 में एक तस्वीर तो साफ हो गई कि अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे। अब सवाल यह कि क्या वे राजस्थान के सीएम बने रहेंगे या सचिन पायलट के लिए कुर्सी छोड़ेंगे? इसका जवाब भी आने वाले दो तीन दिन में मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह बात अगल है कि सचिन पायलट को राजस्थान सीएम नहीं बनने देने के लिए अशोक गहलोत सरकार के मंत्री धुआंधार बैटिंग कर रहे हैं।

इस्तीफा देकर एक साल पहले चुनाव लड़ने को तैयार
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने तो यहां तक कह दिया कि हम इस्तीफा देकर एक साल पहले चुनाव लड़ने को तैयार हैं। मीणा का इशारा ये है कि गहलोत खेमा सचिन पायलट को राजस्थान सीएम नहीं बनने देगा। भले ही इसके लिए मध्यावधि चुनाव ही क्यों ना लड़ना पड़े ? वैसे राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में प्रस्तावित हैं। गहलोत व पायलट की खींचतान में सरकार गिरने और मध्यावधि चुनाव की नौबत आती है तो गहलोत खेमा उसके लिए भी तैयार है।

सीएम अशोक गहलोत को बने रहने देना चाहिए
स्वास्थ्य मंत्री मीणा की चेतावनी का गहलोत सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने भी समर्थन किया और कहा कि राजस्थान का सीएम अशोक गहलोत को बने रहने देना चाहिए। यही हम सबके लिए फायदे की बात है। अगला चुनाव हम सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व में ही लड़ना चाहते हैं। बता दें कि परसादीलाल मीणा व गोविंदराम मेघवाल जयपुर के गणगौरी होटल में मीडिया से बात कर रहे थे।

सीएम कैसे बदलेंगे, एमएलए तो हम हैं
मीडिया से बातचीत में गोविंदराम मेघवाल ने तो यहां तक कह दिया कि राजस्थान का सीएम कैसे बदलेंगे। एमएलए तो हम हैं। गहलोत साहब और शीर्ष नेतृत्व इसमें मेच्योर हैं। गहलोत और हाईकमान बैठकर जो फैसला करेंगे, हम उनके साथ हैं। हम मिड टर्म इलेक्शन को भी तैयार हैं। गहलोत खेमे से मंत्री मीणा व मेघवाल ने मंशा साफ कर दी कि कांग्रेस आलाकमान को गहलोत कैबिनेट और विधायक दल साफ मैसेज देना चाहता है कि अगर सचिन पायलट को सीएम फेस बनाया तो राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिरा दी जाएगी। पार्टी आलाकमान के ऊपर प्रेशर बनाने के तौर ही इसे देखा जा रहा है।

गद्दारी करने वालों को पुरस्कार देना बर्दाश्त नहीं
राजस्थान सियासी ड्रामे में सर्वाधिक चर्चित यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने भी दो दिन पहले न केवल सचिन पायलट के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए बल्कि पूरे मामले को निपटाने के लिए दिल्ली से जयपुर भेजे गए केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन पर भी कई आरोप लगाए। धारीवाल ने कहा था कि अजय माकन सचिन पायलट को सीएम बनाने का एक लाइन का प्रस्ताव पास करवाने आए थे। राजस्थान सियासी संकट 2020 में पार्टी से गद्दारी करने वालों को पुरस्कार देना गहलोत खेमे के विधायकों को बर्दाश्त नहीं।

केंद्रीय पर्यवेक्षकों के सामने तीन मांगे रखी
अशोक गहलोत खेमे से मुख्य सचेतक और मंत्री महेश जोशी ने कहा कि हमने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के सामने तीन मांगे रखी कि साल 2020 में बगावत करके जो विधायक मानेसर के होटल में जाकर बैठ गए थे, उनमें से किसी को सीएम न बनाया जाए। राजस्थान सीएम पद का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के बाद करा जाए। इधर, बुधवार को सीएम अशोक गहलोत दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम पर खेद जताते हुए सोनिया गांधी से माफी मांगी। साथ यह भी स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे।












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