राजस्थान में तापमान में गिरावट से फसलों में पाले की आशंका, ऐसे बचाएं अपनी फसल
राजस्थान में आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट होने से फसलों में पाले से नुकसान की आशंका जताई गई है। किसान धुंआ कर और फसलों में सिंचाई कर फसलों को पाले से बचा सकते हैं।
मौसम विभाग द्वारा आगामी तीन- चार दिवस में तापमान में गिरावट होने की भविष्यवाणी के मद्देनजर फसलों में पाले से नुकसान की आशंका है। पाले से सरसों, मटर, चना व सब्जियों की फसलों में नुकसान होने की संभावना है। सर्दी के मौसम में जिस दिन दोपहर के पहले ठंडी हवा चल रही हो व हवा का तापमान अत्यंत कम होने लग जाए एवं दोपहर बाद अचानक हवा चलना बंद हो जाए तब पाला पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। पाले के कारण पौधों की कोशिकाओं में उपस्थित जल जमने से कोशिका भित्ति फट जाती है। जिससे पौधों की पत्तियां, कोंपलें, फूल, फल क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। किसान फसलों को पाले से बचाने के लिए गंधक के तेजाब का 0.1% अर्थात एक हजार लीटर पानी में 1 लीटर सांद्र गंधक का तेजाब मिलाकर घोल तैयार करें एवं फसलों पर छिड़काव करें अथवा घुलनशील गंधक के 0.2% घोल का छिड़काव भी कर सकते हैं। खेत की उत्तर पश्चिम दिशा में जिधर से शीतलहर आती है। फसलों के अवशेष, कूड़ा करकट, घास-फूस जलाकर धुंआ करें। पाले के दिनों में फसलों में सिंचाई करने से भी पाले का असर कम होता है। ये उपाय अपनाकर किसान अपनी फसलों को पाले के नुकसान से बचा सकते हैं।













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