CM की PM से मांग : जैसलमेर-बाड़मेर को कांडला व मुंद्रा बंदरगाह से जोड़ने वाली नई रेल परियोजना शुरू हो
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के मदार (किशनगढ़) -रेवाड़ी (हरियाणा) खंड का लोकार्पण व इस कॉरिडोर के न्यू अटेली (हरियाणा) और न्यू किशनगढ़ (अजमेर) से 1.5 किलोमीटर लंबी डबल स्टैक कंटेनर रेलगाड़ियों का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व रेलमंत्री पीयूष गोयल सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। वर्चुअल रूप से आयोजित समारोह में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय रेल का 170 साल का इतिहास है।
गहलोत ने कहा कि आजादी के समय देश में रेलवे और इससे जुड़े क्षेत्रों में निर्माण कार्य नहीं होता था और भारत दूसरे देशों पर निर्भर था। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने दूर दृष्टि रखते हुए रेलवे के विकास के लिए कई कल-कारखाने लगवाए, जिससे भारत रेलवे के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सका।
रेलवे का इस्तेमाल सवारियों के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए बेहतर तरीके से किया जा सके, इसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय वर्ष 2006 में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआइएल) की स्थापना की गई। डीएफसीसीआइएल द्वारा दिल्ली से मुंबई के बीच वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और पंजाब से पश्चिम बंगाल के बीच ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा राजस्थान से गुजरता है।












Click it and Unblock the Notifications