32 साल बाद जयपुर में वनराज की दस्तक, वन विभाग जुटा सर्च अभियान में
जयपुर, 27 अगस्त। राजस्थान में बाघों का कुनबा बढ़ने और विचरण क्षेत्र कम पड़ने के कारण बाघ को नए इलाके के लिए जंगल से बाहर निकलने का सिलसिला लगातार जारी है। रणथम्भौर के बाद अब सरिस्का में एक युवा बाघ इधर उधर भटक रहा है। बाघ गुरुवार की रात भटकते-भटकते जयपुर के करीब तक पहुंच गया। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

जमवारामगढ़ पहुंचा टाइगर
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सरिस्का से 70 किलोमीटर चलकर एसटी-24 जयपुर के करीब पहुंच गया है। टाइगर का मूवमेंट जमवारामगढ़ के साहू गांव के पास देखा गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघ एसटी-24 दो दिन से यहां विचरण कर रहा है। जमवारामगढ़ वन रेंज में टाइगर का यह मूवमेंट 32 साल बाद हुआ है। अंतिम बार 1990 में टाइगर जमवारामगढ़ आया था। इसी महीने रणथम्भौर से दो युवा बाघ टी-132 और बाघ टी-136 टेरिटरी की तलाश में इधर उधर भटक रहे थे। इनमें बाघ टी-136 गंगापुर सिटी के लालपुर उमरी क्षेत्र की पहाड़ी पर लगे वन विभाग के फोटो ट्रैक कैमरा में कैद हुआ था। वही बाघ टी-132 का मूवमेंट हाडौती के जंगलों में बना हुआ था। वन विभाग की टीम ने साहू गांव में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। वहां मिले पगमार्क से बाघ का पीछा किया जा रहा है। वन विभाग ने वहां मिले पग मार्क से यहां टाइगर होने की पुष्टि की है।













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