गहलोत सरकार और निवेशकों के बीच 29,789 करोड़ का एमओयू, निवेश में बना राजस्थान अग्रणी राज्य
जयपुर, 25 अगस्त। राजस्थान में गहलोत सरकार और निवेशकों के बीच नई दिल्ली में 29,789 करोड़ रुपए का एमओयू हुआ है। इससे प्रदेश में 11,846 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजत होंगे। इनमें अड्डा पावर द्वारा ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया प्रोजेक्ट पर 40 हजार करोड़, ऑटोपावर एसजी पीटीई द्वारा अक्षय ऊर्जा और सौर ऊर्जा के चक्कर में 25 हजार करोड़ रुपए, आसाई इंडिया ग्लास लिमिटेड द्वारा 14 सौ करोड़ रुपए और सैंट गोबैन द्वारा एक हजार करोड़ रुपए के निवेश से फ्लोट ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव है। एमओयू के दौरान नई दिल्ली में सीएम अशोक गहलोत और मुख्य सचिव उषा शर्मा भी मौजूद रही। सीएम गहलोत ने कहा कि निवेशक राज्य में औद्योगिक निवेश का सुझाव दें।

राजस्थान निवेश में बना अग्रणी राज्य
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि रीको द्वारा राजस्थान के प्रत्येक ग्रुप में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। एनसीआर का 25 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में होने से देश भर में बेहतरीन कनेक्टिविटी है। यहां कानून व्यवस्था, बेहतरीन सड़कें और अनुकूल परिस्थितियों के साथ निवेश करने के लिए राजस्थान अग्रणी राज्य बन गया है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। डेडीकेटेड फ्रंट कॉरिडोर एवं दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का भी एक बड़ा हिस्सा राजस्थान से गुजरता है। इससे निवेशकों को बड़ा फायदा होगा। दिल्ली में राज्य सरकार और निवेशकों के बीच 59,789.93 करोड़ रुपए के एमओयू हुए। इस एमओयू सहित अब तक करीब 11 लाख करोड़ के एमओयू और एलओआई हो चुके हैं। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएगी। इस अवसर पर राजस्थान की उद्योग मंत्री शकुंतला रावत सहित अनेक आला अधिकारी मौजूद रहे।













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