मौसम से धंधा भी ठंडा, व्यापारी परेशान AC-कूलर बेचे कि बरसाती? रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की जगह बारिश
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अब लोग हलाकान होने लगे हैं। इस मौसम की किसानों के साथ सबसे ज्यादा मार एसी कूलर फ्रिज का धंधा करने वाले पर पड़ रही हैं। 50 से 70 फीसदी बिक्री घट गई।

weather unseasonal rain: लू-लपट वाले वैसाख माह में मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में सावन जैसी बारिश की झड़ी लगी है। वैज्ञानिक वजहें अलग है, लेकिन आम लोग गर्मीं की जगह बेमौसम बारिश से हैरान है। सबसे ज्यादा मुसीबत तो एसी-कूलर का धंधा करने वालों की हो गई है।
गर्मी के सीजन में बड़ी आस लगाए कारोबारी इस बार सोच रहे थे मार्च खत्म होते ही अप्रैल से पारा बढ़ने के साथ-साथ धंधा भी बढ़ता जाएगा। लेकिन दो-तीन दफा छोड़ दे तो गर्मी के हिसाब से तापमान बेअसर रहा। आलम यह है कि रात को रजाई तक ओढ़ना पड़ रही हैं।

ये हाल सिर्फ मध्य प्रदेश का ही नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों का है। वेदर सिस्टम बिल्कुल चेंज हो गया है। बीते एक पखवाड़े से लगातार पारा लुढ़कता ही जा रहा हैं। मई के शुरुआत से ही जहां रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने लगती थी, इस वक्त सामान्य से करीब 12 डिग्री कम टेम्प्रेचर दर्ज हो रहा हैं।

एमपी में बेमौसम बारिश से कोई भी संभाग अछूता नहीं है। कई किलोमीटर रफ़्तार से आंधी चलने के बाद रुक रुककर झमाझम बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। ओलावृष्टि किसानों की नाक में दम किए है।

वहीं गर्मी के मौसम में एसी-कूलर, फ्रिज के कारोबार पर भी इस बेमौसम बारिश ने ग्रहण लगा दिया। जानकारी के मुताबिक अभी तक 50 से 70 फीसदी बिक्री कम हुई हैं। ऐसी स्थिति का सामना कर रहे जबलपुर के व्यापारी तरुण व्यास का कहना है कि उनकी समझ में ही नहीं आ रहा कि एसी-कूलर फ्रिज का धंधा करे या फिर रेनकोट का।
गर्मी का आधा सीजन निकल चुका है। अभी आगामी एक सप्ताह और इसी तरह बारिश का पूर्वानुमान है। स्टॉक किए माल की भी चिंता सता रही है। कूलर एसी मेकेनिक को भी काम नहीं मिल रहा। मौसम विभाग की माने तो बीते 120 साल में 5 बार ही ऐसा हुआ जब अप्रैल और मई महीने में इस तरह बारिश हुई। आंकड़ों के मुताबिक इस साल अप्रैल के मौसम ने पिछले चालीस सालों का रिकॉर्ड ब्रेक किया। 55 एमएम बारिश दर्ज की गई।












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