Jabalpur News: पाटन उप जेल से दो कैदी फरार, 15 फीट दीवार की पार, पुलिस ने आधे किलोमीटर पीछा कर पकड़ा
MP News: शुक्रवार की सुबह पाटन उप जेल से दो कैदी फरार हो गए, लेकिन जेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता ने महज कुछ ही घंटे में उन्हें पकड़ लिया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, लेकिन वे दोनों कैदी आखिरकार पकड़ लिए गए।
बताया जा रहा है कि फरार हुए दोनों कैदियों को किसी अज्ञात व्यक्ति ने मदद की थी। जेल के पीछे सीढ़ी लगा कर और रस्सी फेंक कर दोनों कैदियों को दीवार के ऊपर पर चढ़ने में मदद की गई।जेल की 15 फीट ऊंची दीवार पार करते समय दोनों कैदियों के पैर और कमर में चोटें आईं। रस्सी और सीढ़ी के सहारे दीवार पार करने के बाद, दोनों कैदी लंगड़ाते हुए खेतों की ओर भागने लगे।

जेल विभाग की बड़ी कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद जेल विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। जेल प्रशासन के अधिकारियों ने दोनों फरार कैदियों की तलाश के लिए अपनी टीम भेजी। पाटन उप जेल के जेलर हेमेन्द्र बागरी ने व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा लिया और मौके पर पहुंचे।
इस दौरान, पुलिस और जेल कर्मचारी हरकत में आए और ग्राम वनवार के पास खेतों में लंगड़ाते हुए दोनों कैदियों को पकड़ लिया। इस दौरान जेलर हेमेन्द्र बागरी के पैर में भी चोट आई, लेकिन उनकी मेहनत और जोश ने कैदियों को पकड़ने में सफलता दिलाई।
कैदियों का पहचान और अपराध
फरार हुए दोनों कैदी शेख शहादत और कृष्णा यादव हैं। जानकारी के अनुसार, शेख शहादत रेप के मामले में आरोपी है, जबकि कृष्णा यादव अवैध शराब बेचने के आरोप में बंद था। दोनों ही कैदी पिछले पांच महीनों से पाटन उप जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में रह रहे थे।
कैदियों ने किस प्रकार की योजना बनाई?
बताया जा रहा है कि पाटन उप जेल में इस समय पुताई और सफाई का काम चल रहा है। इसके कारण बाहरी मिस्त्री और मजदूरों की संख्या बढ़ गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इन मजदूरों के साथ मिलकर दोनों कैदियों ने फरारी की योजना बनाई होगी। यह भी कहा जा रहा है कि कैदियों ने संभवत: इन बाहरी व्यक्तियों की मदद से जेल की दीवार को पार करने की योजना बनाई थी।
फरारी की घटना के बाद जेल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों कैदियों को आधे किलोमीटर दूर ग्राम वनवार से गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इसके बावजूद यह घटना सुरक्षा की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
जेल की सुरक्षा पर सवाल
पाटन उप जेल में इस समय पुताई और अन्य काम चल रहे थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का अंदेशा जताया जा रहा है। आरोप है कि बाहरी मजदूरों की मौजूदगी का फायदा उठाते हुए कैदियों ने जेल से भागने की योजना बनाई। हालांकि, जेल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और कैदियों को पकड़ लिया, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि कहीं न कहीं सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई थी।
जेल प्रशासन की कार्रवाई और आगे की जांच
घटना के बाद जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी जेल मुख्यालय भोपाल, केन्द्रीय जेल जबलपुर और स्थानीय कोर्ट को दे दी है। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर भी पाटन उप जेल पहुंच चुके हैं और घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल दोनों फरार कैदियों का इलाज जेल में ही चल रहा है, क्योंकि दीवार पार करते वक्त दोनों के शरीर के कुछ हिस्सों में चोटें आईं थीं। जेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस घटना की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।












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